प्रदेश भर में खाद की भारी किल्लत के बीच रामपुर बाघेलान की बर्ती समिति पर गंभीर आरोप लगे हैं। किसानों का दावा है कि समिति में खाद उपलब्ध नहीं, मगर प्रबंधक के घर पर 250 बोरी का स्टॉक रखा गया है। बड़ा सवाल – यह खाद समिति से प्रबंधक के घर तक कैसे पहुंची?
प्रदेश भर के किसान खाद के लिए लाइन में खड़े हैं। सुबह से शाम तक इंतजार के बाद भी उन्हें सिर्फ मायूसी मिल रही है।
लेकिन उसी वक्त, बर्ती समिति प्रबंधक के घर पर 250 बोरी खाद मिलने का आरोप सामने आया है।
चार गांव – बर्ती, छिबौरा, मढ़ी और मझियार – की जिम्मेदारी संभालने वाली यह समिति किसानों को खाद देने में विफल रही।
किसानों का कहना है “समिति में खाद नहीं है, मगर प्रबंधक ने अपने घर पर स्टॉक कर रखा है। हम लोग लाइन में परेशान हो रहे हैं और यहां खेल हो रहा है।”
किसानों का आरोप है कि यह स्टॉक कुछ चुनिंदा लोगों को देने के लिए बचाकर रखा गया। सवाल उठता है – क्या समिति और प्रबंधक की मिलीभगत से यह गड़बड़ी हो रही है?















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