जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामभद्राचार्य और वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज के बीच जारी विवाद पर अब बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि संतों के बीच विवाद से सनातन को नुकसान होता है. बाबा बागेश्वर ने ये भी कहा कि कुछ लोग दोनों संतों को लड़वाकर सनातन की धज्जियां उड़वा रहे हैं.
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा, “वर्तमान में एक संदेश खूब वायरल हो रहा है. वृंदावन के प्रेमानंद बाबा और जिन्होंने राम मंदिर बनवाया और ज्ञान के बल पर ज्ञानपीठ पुरस्कार पाया, पद्मविभूषण पुरस्कार पाया रामभद्राचार्य जी महाराज के पॉडकास्ट में पत्रकार ने पूछा कि क्या प्रेमानंद जी के पास कोई चमत्कार है. हमारे गुरु तो हमें भी डांटते रहते हैं. पढ़ने और विद्या को लेकर. वो कहते हैं अध्ययन करो और सभी को भजन से जोड़ो.”
दोनों संत पूजनीय- बाबा बागेश्वर
उन्होंने कहा कि प्रेमानंद महाराज ने भजन से बहुत युवाओं को जोड़ने का काम किया है. दोनों वंदनीय हैं. एक गुरु ने भागती दौड़ती पिछड़ी पीढ़ी को भजन से जोड़ा. वहीं स्वामी रामभद्राचार्य ने सुप्रीम कोर्ट में राम लला के पक्ष में बयान देकर राम मंदिर को विजय दिलाई. दोनों ही पूजनीय ह
‘चमत्कार के चक्कर में नहीं पड़ते रामभद्राचार्य’
पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने ये भी कहा, “जगद्गुरु रामभद्राचार्य के मुंह से निकला कि हम किसी भी चमत्कार को नहीं मानते. ये सही बात है स्वामी किसी चमत्कार को नहीं मानते. वे तो हमें भी कहते हैं कि हम किसी चमत्कार के चक्कर में नहीं पड़ते हम तो बजरंग बली और भगवान राम के चक्कर में पड़ते हैं.”
उन्होंने ये भी कहा, “रामभद्राचार्य मन में किसी के लिए ईर्ष्या नहीं रखते हैं. उनका मन बहुत साफ है. वे कह देते हैं लेकिन मन में कुछ नहीं रखते. और जो लोग मीडिया और सोशल मीडिया पर तरह-तरह की बातें करके दो संतों को लड़वा रहे हैं, मैं उनसे कहना चाहता हूं कि दोनों ही वंदनीय हैं.”















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