जिले के उपार्जन केंद्रों का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने मंगलवार को अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों को उपार्जित धान का भुगतान अधिकतम सात दिनों के भीतर हर हाल में कराना होगा।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने तौल प्रक्रिया, स्टॉक रजिस्टर, ऑनलाइन प्रविष्टियों और ट्रांसपोर्ट व्यवस्था का बारीकी से जायज़ा लिया। उन्होंने कहा कि किसानों को लंबा इंतज़ार कराना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं होगा।
कलेक्टर ने चेतावनी देते हुए कहा—
“किसान कतार में खड़ा होकर अपना अन्न बेचने आता है, उसका पैसा समय पर मिलना उसकी पहली आवश्यकता है। भुगतान में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
उन्होंने केंद्र प्रभारी, मार्कफेड अधिकारियों और संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि तुलाई के बाद डेटा तुरंत पोर्टल पर अपलोड करें और बैंक भुगतान प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की देरी न होने दें।
कलेक्टर के इस निरीक्षण से उपार्जन केंद्रों में काम कर रहे कर्मचारियों में सक्रियता बढ़ गई है और किसान उम्मीद जता रहे हैं कि इस बार भुगतान समय पर मिलेगा।














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