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रीवा सुपर स्पेशलिटी अस्पताल ने रचा इतिहास, कार्डियोलॉजी विभाग ने एक माह में किए 5 जटिल प्रोसीजर

एक माह में 5 जटिल हृदय प्रोसीजर सफल, प्रदेश में बना पहला अस्पताल

सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग ने चिकित्सा क्षेत्र में एक बार फिर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. एस.के. त्रिपाठी ने मात्र 01 माह में 03 सीआरटीडी, 01 एआईसीडी और 01 सीएसपी जैसे अत्यंत जटिल हृदय प्रोसीजर सफलतापूर्वक कर अस्पताल का नाम प्रदेश में शीर्ष श्रेणी में दर्ज करा दिया है।

इसके साथ ही रीवा सुपर स्पेशलिटी अस्पताल एक ही माह में इतने अधिक CRTD, AICD और CSP प्रोसीजर करने वाला प्रदेश का पहला चिकित्सालय बन गया है।

उपचार के बाद मरीजों को मिले दीर्घकालिक लाभ
समय पर किए गए इन प्रोसीजर से मरीजों में उल्लेखनीय सुधार देखा गया।

हृदय पंपिंग में सुधार: आधुनिक डिवाइस की मदद से हृदय की पंपिंग क्षमता में उल्लेखनीय बढ़ोतरी।

जीवन गुणवत्ता में वृद्धि: चक्कर, बेहोशी, थकान और सांस फूलने जैसे लक्षणों में भारी कमी।

अस्पताल में भर्ती होने की दर घटी: हार्ट फेलियर से पीड़ित मरीजों की बार-बार होने वाली अस्पताल भर्ती में कमी।

जीवनकाल में वृद्धि: ये डिवाइस हार्ट ब्लॉक और कार्डियक अरेस्ट से बचाकर जीवनकाल बढ़ाने में सहायक।

सामान्य गतिविधियों में सुधार: मरीज फिर से सामान्य जीवनचर्या करने लगे।

गंभीर मरीजों के लिए वरदान साबित हुई तकनीक
इन प्रोसीजर से लाभान्वित मरीजों में अधिकतर कंप्लीट हार्ट ब्लॉक, अत्यधिक बेहोशी, पंपिंग क्षमता कम होने, सांस फूलने और पूरे शरीर में सूजन जैसी गंभीर स्थितियों से जूझ रहे थे।
डॉ. त्रिपाठी द्वारा इम्प्लांट की गई इन आधुनिक डिवाइसों ने मरीजों को हार्ट ब्लॉक से राहत देने के साथ कार्डियक अरेस्ट से भी सुरक्षा प्रदान की। खासकर CRTD मशीन हृदय की इलेक्ट्रिकल एक्टिविटी को री-सिंक कर पंपिंग क्षमता बढ़ाती है।

महानगरों जैसी सुविधा अब रीवा में
ये जटिल हृदय प्रोसीजर पहले केवल बड़े महानगरों में ही उपलब्ध थे और काफी महंगे भी। लेकिन अब डॉ. एस.के. त्रिपाठी द्वारा रीवा सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में इन्हें नियमित रूप से किया जा रहा है, जिससे विंध्य क्षेत्र के मरीजों को बड़ी राहत मिली है।

मार्गदर्शन और सहयोग बना प्रेरणा
इस ऐतिहासिक उपलब्धि के पीछे
उपमुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा मंत्री राजेन्द्र शुक्ल की दूरदर्शी सोच, अस्पताल के नवनिर्माण व अवसंरचना विकास में सहयोग, और चिकित्सकों को निरंतर प्रोत्साहन मुख्य भूमिका में रहा।

चिकित्सा महाविद्यालय के अधिष्ठाता एवं मुख्य कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. व्ही. डी. त्रिपाठी, और अधीक्षक डॉ. अक्षय श्रीवास्तव ने इस उपलब्धि पर डॉ. एस.के. त्रिपाठी और उनकी टीम को बधाई दी।

रीवा सुपर स्पेशलिटी अस्पताल की यह उपलब्धि विंध्य क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है और यह साबित करती है कि अब उच्च स्तरीय हृदय उपचार सुविधाएँ महानगरों की तरह ही रीवा में भी उपलब्ध हैं।

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