रीवा के शासकीय गांधी स्मारक अस्पताल में बीती रात एक प्रसूता की मौत हो गई। मौत-जो केवल एक ज़िंदगी का अंत नहीं, बल्कि एक पूरे परिवार के सपनों का टूट जाना है। और पीछे रह गया है बस एक दर्द, जिसे शब्दों में बयां करना आसान नहीं। रीवा जिले की पनवार निवासी 26 वर्षीय शशि मिश्रा की तीन साल पहले ही शादी हुई थी, जो घर से उम्मीद लेकर अस्पताल आई थी। जब वो अस्पताल आई थी तो पूरी तरह से स्वस्थ थी, परिवार को विश्वास था कि कुछ घंटों में बच्चे की किलकारियाँ सुनाई देंगी, लेकिन लौटकर आई-तो सिर्फ़ खामोशी। उसका आपरेशन से बच्चा हुआ, लेकिन आपरेशन के बाद महिला की तबियत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई। इस घर में आज मातम पसरा है, एक तरफ नवजात बच्चे का जन्म तो दूसरी तरफ उसकी माँ की मौत, जिस घर में बच्चे के पैदा होने की खुशियां होनी चाहिए वहां पर मातम पसर चुका है। बच्चा तो इस दुनिया में जन्म ले लिया, लेकिन जिस मां की कोख से वो पैदा हुआ उस मां का प्यार और आंचल उसे कभी नसीब नहीं हो पाएगा। हालांकि एक महिला का और आपरेशन बुधवार को ही हुआ था उसकी हालत भी गंभीर बताई जा रही, जो जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही है। वहीं अस्पताल प्रबंधन ने इस मामले को लेकर कहा कि महिला का आपरेशन अच्छे से हुआ था, थोड़ी देर बाद उसके सीने में दर्द होने लगा, और उसे सांस लेने में तकलीफ होने लगी। हालांकि हर बार की तरह इस बार भी अस्पताल प्रबंधन ने जांच की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ लिया।
रीवा के गांधी अस्पताल में फिर लापरवाही! प्रसूता की मौत, नवजात बचा—परिवार का दर्द छलका














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