रीवा के संजय गांधी अस्पताल में एक बार फिर डॉक्टरों पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगा है। चाय गिरने से पीठ झुलसने के बाद 11 महीने के मासूम को बर्न यूनिट में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मासूम की मौत से गुस्साए परिजनों ने डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए शव लेने से इनकार कर दिया और कठोर कार्रवाई की मांग की। परिजनों का आरोप फाइल में गलत नाम, ब्लड की जानकारी तक नहीं दी। मृतक बच्चे के पिता लवकुश यादव ने कहा कि मेरे बेटे की मौत हुई है, अब किसी और के बेटे की जान न जाए। अस्पताल स्टाफ ने ब्लड लाने को कहा, लेकिन ब्लड ग्रुप तक नहीं बताया। एडमिशन फाइल में बच्चे का नाम तक गलत लिखा गया है। अस्पताल प्रबंधन ने फिर जांच का सहारा लिया अस्पताल प्रबंधन ने परिजनों को जांच का भरोसा देकर मामला शांत करने की कोशिश की। परिजनों की मांग पर पोस्टमार्टम के लिए विशेषज्ञ टीम गठित कराई जाएगी और FSL टीम की मौजूदगी में पीएम कराने की बात कही गई है। CMO डॉ. यत्नेश त्रिपाठी ने बताया कि बच्चा चाय से झुलसने के कारण भर्ती किया गया था। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाया है। उनकी मांग के अनुसार टीम गठित कर पोस्टमार्टम कराया जाएगा, साथ ही पूरे मामले की जांच भी होगी। एक सप्ताह में लगातार विवादों में अस्पताल संजय गांधी अस्पताल बीते एक सप्ताह से लगातार विवादों में घिरा है। हर बार घटना के बाद डॉक्टरों पर लापरवाही के आरोप सामने आ रहे हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ जांच का आश्वासन ही दिया जा रहा है। परिजन न्याय की मांग पर अड़े हुए हैं।
रीवा : संजय गांधी अस्पताल में फिर सवालों के घेरे में इलाज, 11 माह के मासूम की मौत














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