रीवा जिले के त्योंथर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत मध्यप्रदेश–उत्तरप्रदेश सीमा के पास स्थित ग्राम पंचायत मझिगवां से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक भांजे ने सरपंच की कथित मिलीभगत से अपने ही दो सगे मामा को कागजों में मृत घोषित कर दिया, उनकी तेरहवीं कराई और फिर फर्जी दस्तावेजों के जरिए पूरी जमीन बेच डाली। अब दोनों मामा जिंदा होकर खुद को जिंदा साबित करने के लिए दफ्तर-दफ्तर भटकने को मजबूर हैं। 14 साल की गैरहाजिरी बनी साजिश की वजह मझिगवां गांव निवासी महेंद्र पाल और अमरनाथ पाल, पिता की मृत्यु के बाद करीब 14 वर्ष पहले रोज़गार की तलाश में राजस्थान चले गए थे। दोनों भाइयों ने अपनी जमीन और संपत्ति की देखरेख अपनी बहन को सौंपी थी। लंबे समय तक गांव न लौटने का फायदा उठाकर बहन के बेटे अर्जुन प्रसाद ने पहले गांव में दोनों मामा की मृत्यु की अफवाह फैलाई। आरोप है कि भांजे ने बाकायदा दोनों मामा की तेरहवीं कराई, हजारों लोगों को भोज भी कराया। इसके बाद ग्राम पंचायत मझिगवां की सरपंच कलावती की कथित मदद से फर्जी खानदानी सजरा तैयार कराया गया, जिसमें दोनों जीवित मामा को मृत दिखा दिया गया। इसी फर्जी रिकॉर्ड के आधार पर तहसील कार्यालय से जमीन अपने नाम कराई गई और फिर उसे बेच दिया गया। मैं जिंदा हूं साहब का बैनर लेकर भटक रहा मामा जब महेंद्र पाल और अमरनाथ पाल राजस्थान से गांव लौटे तो उन्हें पता चला कि वे गांव और सरकारी रिकॉर्ड में मर चुके हैं। जमीन भी उनके भांजे द्वारा दूसरे लोगों को बेची जा चुकी थी। इसके बाद पीड़ित मामा मैं जिंदा हूं साहब, मेरी जमीन दिला दी जाए लिखे बैनर के साथ तहसील, थाना और एसडीएम कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। आत्मदाह की चेतावनी, के बाद प्रशासन हरकत में पीड़ितों का कहना है कि वे तहसील और थाने के चक्कर लगाकर थक चुके हैं। यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे तहसील कार्यालय के सामने आत्मदाह करने को मजबूर होंगे। आत्मदाह की चेतावनी के बाद प्रशासन हरकत में आया है। त्योथर एसडीएम पी.एस. त्रिपाठी ने बताया कि मामले में आवेदन प्राप्त हुआ है। जमीन पर स्टे दिया गया है और पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
रीवा: जिंदा मामा को कागजों में मृत घोषित कर भांजे ने बेच दी जमीन, सरपंच की मिलीभगत का आरोप















Leave a Reply