कलेक्टर संजय जैन के कथित निज सहायक पंकज श्रीवास्तव पर महिला वार्डन से 1.15 लाख रुपये रिश्वत मांगने के आरोप को लेकर मऊगंज में विरोध तेज हो गया है। सामाजिक कार्यकर्ता मुद्रिका प्रसाद विश्वामित्र उर्फ मऊगंज के अन्ना हजारे के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन के दौरान सोमवार को हालात उस समय तनावपूर्ण हो गए, जब पुलिस-प्रशासन पर प्रदर्शनकारियों को जबरन गिरफ्तार करने की कोशिश का आरोप लगा। आंदोलन कलेक्टर कार्यालय के सामने प्रस्तावित था, लेकिन इससे पहले ही एसडीएम राजेश मेहता के निर्देश पर टेंट की सामग्री जब्त कर पुलिस थाने भिजवा दी गई। टेंट लगाने वालों को थाने में बैठा दिया गया, जिससे नाराज आंदोलनकारियों ने खुले आसमान के नीचे ही धरना शुरू कर दिया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सूचना मिलते ही अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, तहसीलदार और पुलिस बल मौके पर पहुंचे तथा आंदोलनकारियों को हिरासत में लेने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उन्होंने गिरफ्तारी का कारण लिखित रूप में देने की मांग की, लेकिन अधिकारी इसके लिए तैयार नहीं हुए। इसके बाद प्रशासन को बिना किसी कार्रवाई के वापस लौटना पड़ा। इस दौरान आंदोलनकारी नेता मुद्रिका प्रसाद विश्वामित्र ने चेतावनी दी कि यदि शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से चल रहे आंदोलन को बलपूर्वक दबाने की कोशिश की गई, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में अर्धनग्न आंदोलन और जल-त्याग जैसे कदम उठाने पड़ सकते हैं, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। आरोप है कि कलेक्टर के कथित निज सहायक पंकज श्रीवास्तव ने एक महिला वार्डन से नौकरी में बनाए रखने और छात्रावास की जिम्मेदारी पुनः दिलाने के नाम पर लगभग 1.12 लाख रुपये की रिश्वत मांगी। यह रकम कलेक्टर के नाम पर मांगे जाने का भी दावा किया गया है। मामले के सामने आने के बाद आंदोलनकारियों ने ज्ञापन सौंपकर 16 दिसंबर से आंदोलन की चेतावनी दी थी। देर शाम तक धरना जारी रहा और प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी होती रही। आंदोलनकारी निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कठोर कार्रवाई और लोकतांत्रिक अधिकारों के सम्मान की मांग पर अड़े हैं, जबकि प्रशासन की ओर से अब तक इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
मऊगंज में रिश्वत आरोपों पर बवाल: आंदोलनकारियों से टकराया प्रशासन, अर्धनग्न आंदोलन की चेतावनी














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