रामपुर बाघेलान तहसील के ग्राम उमरी (शिवराजी) में आदिवासी किसानों की पैतृक और कीमती जमीन पर भूमाफियाओं ने दिनदहाड़े धावा बोल दिया। रीवा–जबलपुर नेशनल हाईवे से सटी खसरा नंबर 857, 858 और 860 की जमीन पर फर्जी अनुबंध और राजस्व अमले की कथित मिलीभगत से गैर-आदिवासियों द्वारा कब्जे की कोशिश का सनसनीखेज आरोप सामने आया है। पीड़ितों का कहना है कि 15 दिसंबर की शाम आशीष प्रताप सिंह मोनू और शुभम प्रताप सिंह सोनू, सरपंच अहिरगांव देशराज सिंह के साथ दर्जनों लोगों, ट्रैक्टरों और अवैध हथियारों के साथ खेत में घुसे, गाली-गलौज की, जान से मारने की धमकी दी और जबरन कब्जा करने का प्रयास किया। हैरानी की बात यह है कि 16 दिसंबर को थाना रामपुर बाघेलान में शिकायत देने के बावजूद अब तक एफआईआर दर्ज नहीं हुई, जिससे पीड़ित आदिवासी परिवारों में आक्रोश है। न्याय न मिलने पर पीड़ितों ने संभागीय कमिश्नर और आईजी रीवा से गुहार लगाते हुए फर्जी नामांतरण, अवैध विक्रय प्रयास और संदिग्ध राजस्व अधिकारियों की भूमिका की उच्चस्तरीय जांच, दोषियों पर आपराधिक प्रकरण और जमीन पर कब्जा तत्काल रोकने की मांग की है।
“रामपुर बाघेलान: आदिवासी जमीन पर कब्जे की कोशिश, शिकायत के बाद भी FIR नहीं”















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