कथित रिश्वत और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज़ उठाने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं का जेल भरो आंदोलन आखिरकार लाया रंग चार दिनों तक चले लगातार संघर्ष के बाद जिला प्रशासन को झुकना पड़ा और कलेक्टर के निज सहायक पंकज श्रीवास्तव को तत्काल प्रभाव से हटाकर मूल विभाग भेज दिया गया। संयुक्त कलेक्टर ए.पी. द्विवेदी द्वारा जारी किया गया आदेश, पंकज श्रीवास्तव को कलेक्टर कार्यालय से कार्यमुक्त कर दिया गया है। उनके स्थान पर अमित मिश्रा को दिया गया प्रभार यह कार्रवाई कथित रिश्वत मामले की जांच को दृष्टिगत रखते हुए की गई है। पंकज श्रीवास्तव को उनके मूल पद—शासकीय केदारनाथ महाविद्यालय, प्रयोगशाला परिचारक में भारमुक्त किया गया। तीन दिन तक चले धरना-प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने पहले सख्ती दिखाते हुए आंदोलनकारियों की गिरफ्तारी की थी। उग्र प्रदर्शन के बाद 08 सामाजिक कार्यकर्ताओं को जेल भेजा गया, लेकिन इसके बावजूद आंदोलन रुका नहीं। बुजुर्गों के बाद युवाओं के धरने में उतरते ही प्रशासन हरकत में आया और आखिरकार बड़ा फैसला लेना पड़ा। प्रदर्शनकारियों की मांगों के आगे झुकता दिखा जिला प्रशासन भ्रष्टाचार के आरोपों पर ठोस कार्रवाई
जेल भरो आंदोलन का असर: कलेक्टर के निज सहायक पंकज श्रीवास्तव हटाए गए, प्रशासन को झुकना पड़ा














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