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रामबाई सिंह के तीखे बयान से सियासी भूचाल, भाजपा और साधु-संतों पर साधा निशाना

रामबाई सिंह का बड़ा हमला बयान से मचा बवाल!

मध्यप्रदेश में बहुजन समाज पार्टी की दबंग और फायरब्रांड नेता मानी जाने वाली रामबाई सिंह एक बार फिर सुर्खियों में हैं। करीब दो साल बाद सार्वजनिक मंच पर नजर आईं बसपा की पूर्व विधायक के कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें वे भाजपा के साथ-साथ साधु-संतों पर भी तीखा हमला करती दिखाई दे रही हैं। रामबाई सिंह ने अपने बयान में भारतीय जनता पार्टी को निशाने पर लेते हुए कहा कि मौजूदा दौर में ऐसे साधु-संतों को बढ़ावा दिया जा रहा है जो समाज को हिंदू-मुस्लिम में बांटने का काम कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि छोटे-छोटे बच्चे भी “जय श्रीराम” के नारे लगाने लगे हैं, लेकिन उन्हें यह नहीं बताया जा रहा कि भाजपा और उसके नेताओं को न तो राम से मतलब है और न ही रावण से। बसपा नेत्री ने मंच से ब्राह्मण और ठाकुर समाज पर भी हमला बोला। उनका कहना था कि इन्हीं जातियों ने दलितों, आदिवासियों और पिछड़ों का शोषण किया है। उन्होंने यह भी कहा कि पिछड़ा वर्ग को खुश नहीं होना चाहिए, क्योंकि ब्राह्मण और ठाकुरों के साथ मिलकर ओबीसी भी दलित-आदिवासियों पर अत्याचार में भागीदार हैं। अपने बयान में रामबाई सिंह ने जगतगुरु रामभद्राचार्य को लेकर भी टिप्पणी की, जिसे लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। एससी-एसटी वर्ग की हिमायती बनते हुए उन्होंने कहा कि जाति व्यवस्था की जड़ें ब्राह्मण और ठाकुर समाज ने बनाई हैं और आज भी इसका खामियाजा कमजोर वर्ग भुगत रहा है। दरअसल यह पूरा मामला पथरिया में आयोजित बसपा के एक कार्यक्रम का है। लंबे समय बाद सार्वजनिक रूप से नजर आईं रामबाई सिंह ने मंच से अपना पूरा आक्रोश जाहिर किया। उनके ये बयान अब सोशल मीडिया पर वायरल हैं और सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बने हुए हैं। बसपा सुप्रीमो मायावती की करीबी मानी जाने वाली रामबाई सिंह आमतौर पर राजनीति में जात-पात के खिलाफ बोलती रही हैं, लेकिन इस बार उन्होंने ब्राह्मण और क्षत्रिय समाज को सीधे निशाने पर लिया है, जबकि वे स्वयं क्षत्रिय वर्ग से आती हैं। ऐसे में उनके इस बयान के पीछे की रणनीति और उद्देश्य को लेकर राजनीतिक हलकों में कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। फिलहाल, उनके इन बयानों ने मध्यप्रदेश की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है और आने वाले दिनों में इसका राजनीतिक असर देखने को मिल सकता है।

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