रीवा से एक बेहद चौंकाने वाली और गंभीर खबर सामने आई है, जहां जैविक खेती करने वाले एक किसान का केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हाथों सम्मान पाने का सपना कथित भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया। किसान ने डीडीए एग्रीकल्चर यूपी बागरी पर 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है। पैसे नहीं देने पर किसान का नाम सम्मान सूची से हटा दिया गया। मामला 25 दिसंबर 2025 को रीवा में आयोजित केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यक्रम से जुड़ा है। मनगवां विधानसभा क्षेत्र के ग्राम बसेड़ा निवासी किसान कृष्णपाल सिंह ड्रैगन फ्रूट की जैविक खेती करते हैं। उन्हें जैविक खेती के क्षेत्र में बेहतर कार्य के लिए गृह मंत्री के हाथों प्रशस्ति पत्र मिलना था। किसान कृष्णपाल सिंह का आरोप है कि कार्यक्रम से पहले उन्हें बाकायदा कलेक्टर कार्यालय रीवा द्वारा पास जारी किया गया, सवालों की सूची दी गई, अधिकारियों ने उनसे संवाद किया और यहां तक कि सरकारी वाहन गांव से उन्हें सभा स्थल तक लेकर पहुंचा। लेकिन कार्यक्रम स्थल पर पहुंचते ही उनसे 10 हजार रुपये की मांग की गई। कृष्णपाल सिंह का कहना है कि जब उन्होंने रिश्वत देने से इनकार किया तो ऐन वक्त पर उनका नाम काट दिया गया और उनकी जगह किसी अन्य किसान को सम्मानित कर दिया गया। इस तरह उनका पूरा सफर कुछ कदम पहले ही खत्म हो गया। किसान का आरोप है कि यह पूरी मांग एग्रीकल्चर विभाग के डीडीए यूपी बागरी द्वारा की गई। उन्होंने कहा कि उन्हें पहले गृह मंत्री से मिलने और सम्मान पाने का सपना दिखाया गया, लेकिन उसकी कीमत 10 हजार रुपये लगाई गई, जिसे वह पूरा नहीं कर सके। इस पूरे मामले ने सरकारी कार्यक्रमों में चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जैविक खेती और किसानों को प्रोत्साहित करने की बात करने वाले बड़े मंच पर इस तरह का आरोप सामने आना न सिर्फ चौंकाने वाला है, बल्कि बेहद शर्मनाक भी माना जा रहा है। फिलहाल किसान ने अपनी आपबीती सार्वजनिक रूप से बताई है। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन और कृषि विभाग इस गंभीर आरोप पर क्या कार्रवाई करता है।
रीवा: ड्रैगन फ्रूट उगाने वाले किसान से DDA पर रिश्वत मांगने का आरोप, पैसे न देने पर सम्मान सूची से नाम कटा















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