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मऊ में मनरेगा का नाम बदलने के विरोध में कांग्रेस का एकदिवसीय उपवास, सरकार के फैसले पर जताया रोष

मऊ में मनरेगा का नाम बदलने के विरोध में कांग्रेस का एकदिवसीय उपवास, सरकार के फैसले पर जताया आक्रोश उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) का नाम बदले जाने के फैसले के विरोध में एकदिवसीय उपवास रखा। इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस नेताओं ने भाग लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

मऊ (उत्तर प्रदेश)। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) का नाम बदले जाने के फैसले के खिलाफ मऊ जिले में कांग्रेस पार्टी ने जोरदार विरोध दर्ज कराया। कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने सोमवार को एक दिवसीय उपवास रखकर केंद्र सरकार के इस निर्णय पर अपनी नाराजगी जाहिर की।

कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मनरेगा सिर्फ एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि यह गरीबों और ग्रामीण मजदूरों की जीवनरेखा है। इस योजना का नाम राष्ट्रपिता महात्मा गांधी से जुड़ा होना देश की भावनाओं और इतिहास से सीधा संबंध रखता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार मनरेगा का नाम बदलकर जनता की भावनाओं से खिलवाड़ कर रही है।

सरकार से फैसला वापस लेने की मांग

उपवास पर बैठे कांग्रेस नेताओं ने केंद्र और राज्य सरकार से इस फैसले को तुरंत वापस लेने की मांग की। उनका कहना था कि यदि सरकार ने जल्द ही अपना निर्णय नहीं बदला, तो कांग्रेस पार्टी आंदोलन को और तेज करेगी और इसे प्रदेशव्यापी स्तर पर ले जाएगी।

बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की मौजूदगी

इस मौके पर बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे। सभी ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मनरेगा के मूल स्वरूप और नाम को बनाए रखने की मांग की। कार्यक्रम शांतिपूर्ण रहा, लेकिन कांग्रेस नेताओं ने साफ कर दिया कि वे इस मुद्दे पर किसी भी तरह का समझौता नहीं करेंगे।

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