प्रशासन गांव की ओर: ढोढर में District Collector –सीईओ से मिलकर उत्साहित हुए स्कूली छात्र
रतलाम जिले में प्रशासन की जनकल्याणकारी पहल “प्रशासन गांव की ओर” अभियान ने ग्रामीण क्षेत्रों में न केवल शासन की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बनाया है, बल्कि यह आम जनता और प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का सशक्त मंच भी बन चुका है। इसी क्रम में शुक्रवार को जावरा विकासखंड के कलस्टर पंचायत मुख्यालय ढोढर में आयोजित अभियान शिविर में प्रशासनिक अधिकारियों के आगमन ने ग्रामीणों के साथ-साथ स्कूली विद्यार्थियों में भी विशेष उत्साह भर दिया।
रतलाम कलेक्टर मिशा सिंह और जिला पंचायत सीईओ वैशाली जैन के ढोढर पहुंचते ही माहौल उत्साह और ऊर्जा से भर गया।
पंचायत परिसर में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और स्कूली छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। जहां एक ओर ग्रामीण अपनी समस्याएं और आवेदन लेकर पहुंचे थे, वहीं दूसरी ओर स्कूली बच्चे अपने भविष्य को लेकर जिज्ञासु और प्रेरित नजर आए।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रशासनिक अधिकारियों के स्वागत के साथ हुई। विद्यार्थियों ने कलेक्टर मिशा सिंह का गर्मजोशी से अभिनंदन किया और उन्हें अपने बीच पाकर बेहद खुश दिखाई दिए। इस दौरान कलेक्टर ने औपचारिक संबोधन के बजाय बच्चों से सीधा संवाद स्थापित किया, जो इस आयोजन की सबसे खास बात रही। उन्होंने विद्यार्थियों को पास बुलाया और उनसे उनकी पढ़ाई, पसंदीदा विषय, रुचि और भविष्य के सपनों के बारे में विस्तार से बातचीत की।
छात्रों ने भी पूरी बेझिझक अपनी बातें साझा कीं। किसी ने डॉक्टर बनने की इच्छा जताई
, तो किसी ने शिक्षक, इंजीनियर या प्रशासनिक अधिकारी बनने का सपना बताया। कलेक्टर मिशा सिंह ने प्रत्येक बच्चे की बात ध्यानपूर्वक सुनी और उन्हें प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता, बल्कि इसके लिए अनुशासन, मेहनत और निरंतर प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारित कर पढ़ाई करने, समय का सही उपयोग करने और आत्मविश्वास बनाए रखने की सलाह दी।
इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ वैशाली जैन ने भी विद्यार्थियों से संवाद किया और उन्हें शिक्षा के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल नौकरी पाने का साधन नहीं है, बल्कि यह व्यक्तित्व निर्माण और समाज में सम्मान पाने का आधार है। उन्होंने बच्चों को शासन की विभिन्न शैक्षणिक योजनाओं जैसे छात्रवृत्ति, आवासीय विद्यालय, डिजिटल शिक्षा और कौशल विकास कार्यक्रमों की जानकारी दी, जिससे वे भविष्य में लाभ उठा सकें।
कार्यक्रम के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याएं भी सुनीं और कई मामलों का मौके पर ही निराकरण किया।
राशन कार्ड, पेंशन, भूमि विवाद, बिजली और पानी से संबंधित शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई की गई। इससे ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति विश्वास और संतोष का भाव देखने को मिला।
विद्यार्थियों के लिए यह दिन किसी प्रेरणादायक अनुभव से कम नहीं था। कई छात्रों ने कहा कि उन्होंने पहली बार इतने बड़े अधिकारियों से सीधे बात की और इससे उनमें आत्मविश्वास बढ़ा है। शिक्षकों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे संवाद बच्चों के सर्वांगीण विकास में सहायक होते हैं।
“प्रशासन गांव की ओर” अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रशासन को आम जनता के करीब लाना और ग्रामीण क्षेत्रों में शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है। ढोढर में आयोजित इस शिविर ने यह साबित कर दिया कि जब प्रशासन जनता के बीच जाता है, तो न केवल समस्याओं का समाधान होता है, बल्कि सकारात्मक माहौल भी बनता है।
कार्यक्रम के अंत में कलेक्टर मिशा सिंह ने कहा कि प्रशासन हमेशा जनता के साथ है और शिक्षा
स्वास्थ्य तथा ग्रामीण विकास के क्षेत्र में निरंतर कार्य करता रहेगा। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे अपने सपनों को बड़ा रखें और उन्हें पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत करें।
कुल मिलाकर, ढोढर में आयोजित यह आयोजन प्रशासन और जनता के बीच मजबूत सेतु का प्रतीक बना। जहां एक ओर ग्रामीणों को राहत मिली, वहीं दूसरी ओर स्कूली विद्यार्थियों को नई दिशा, प्रेरणा और आत्मविश्वास प्राप्त हुआ। यह कार्यक्रम न केवल प्रशासनिक पहल का उदाहरण बना, बल्कि आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणास्त्रोत भी साबित हुआ।













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