तेज रफ्तार 108 Ambulance divider से टकराई, चालक नशे में होने की आशंका
रीवा जिले के बैकुंठपुर थाना क्षेत्र में मंगलवार की दोपहर एक खतरनाक हादसा सामने आया, जब तेज रफ्तार 108 एंबुलेंस अनियंत्रित होकर सड़क के डिवाइडर से जा टकराई। गनीमत रही कि हादसे के समय एंबुलेंस में कोई मरीज मौजूद नहीं था, अन्यथा यह घटना एक बड़े हादसे में बदल सकती थी।
घटना उमरी टोल प्लाजा के पास की बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि एंबुलेंस काफी तेज गति से आ रही थी और चालक ने नियंत्रण खो दिया। वाहन सीधे डिवाइडर से टकराया और पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। टक्कर इतनी तेज थी कि एंबुलेंस के सामने का हिस्सा बुरी तरह दब गया और चालक के नियंत्रण खोने की स्थिति स्पष्ट नजर आई।
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचे और क्षतिग्रस्त एंबुलेंस को सड़क से हटवाया। इससे यातायात प्रभावित हुआ, लेकिन पुलिस ने तत्काल व्यवस्था कर सड़क को सुरक्षित किया। इस बीच, वाहन के चालक की स्थिति भी जांच का विषय बनी। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों के अनुसार चालक नशे में होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि इसकी पुष्टि मेडिकल जांच के बाद ही हो सकेगी।
जानकारी के मुताबिक, एंबुलेंस की यह तेज रफ्तार शायद आपातकालीन सेवा के दबाव या चालक की लापरवाही के कारण थी
अक्सर देखा गया है कि आपातकालीन वाहन मरीज को अस्पताल तक जल्दी पहुंचाने के चक्कर में गति सीमा से अधिक हो जाती हैं। लेकिन इस मामले में चालक के नशे में होने की आशंका इस घटना को और गंभीर बनाती है।

नियमित प्रशिक्षण और स्वास्थ्य परीक्षण बेहद जरूरी हैं
नियमित प्रशिक्षण और स्वास्थ्य परीक्षण बेहद जरूरी हैं
पुलिस ने बताया कि चालक को मेडिकल जांच के लिए भेजा जाएगा, ताकि उसकी नशे की स्थिति की पुष्टि हो सके। जांच के बाद ही तय किया जाएगा कि चालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी या नहीं। साथ ही, एंबुलेंस के रखरखाव और संचालन की प्रक्रिया की भी समीक्षा की जाएगी। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि भविष्य में इस तरह की लापरवाही न दोहराई जा सके।
इस हादसे ने एक बार फिर आपातकालीन सेवाओं में सुरक्षा और नियमों के पालन की आवश्यकता को उजागर किया है
108 एंबुलेंस सिस्टम का उद्देश्य मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना है, लेकिन तेज रफ्तार और संभावित नशे की स्थिति कभी-कभी जानलेवा साबित हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि आपातकालीन वाहनों के चालकों के नियमित प्रशिक्षण और स्वास्थ्य परीक्षण बेहद जरूरी हैं, ताकि सड़क पर सुरक्षित संचालन सुनिश्चित किया जा सके।
स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे एंबुलेंस जैसे आपातकालीन वाहनों के लिए रास्ता खाली रखें और तेज रफ्तार वाहन के जोखिम को समझें। वहीं, यह हादसा लोगों के लिए चेतावनी भी है कि सड़क सुरक्षा केवल वाहन चालक पर ही नहीं, बल्कि सभी सड़क उपयोगकर्ताओं की जिम्मेदारी है।
इस पूरे घटनाक्रम ने यह सवाल भी खड़ा किया है कि क्या 108 एंबुलेंस के चालक के लिए नशा मुक्त होने और मानसिक सतर्कता की जांच पर्याप्त रूप से होती है। सरकारी एजेंसियों को चाहिए कि वे ऐसे हादसों को रोकने के लिए सख्त नियम और निगरानी प्रणाली लागू करें।
वर्तमान में एंबुलेंस की मरम्मत और चालक की मेडिकल जांच जारी है। पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है
जांच के बाद ही आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी, ताकि जिम्मेदारों को कानून के तहत दंडित किया जा सके और भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सके।
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