चोरहटा थाना क्षेत्र में दो सगे भाइयों पर जानलेवा हमला
रीवा शहर के चोरहटा थाना क्षेत्र अंतर्गत शांति विलास कॉलोनी में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब दो सगे भाइयों पर जानलेवा हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। इस हमले का CCTV फुटेज भी सामने आया है, जिसमें हमलावर बेरहमी से मारपीट करते हुए साफ नजर आ रहे हैं। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। घायल भाइयों को तत्काल उपचार के लिए शासकीय संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां एक भाई का इलाज जारी है, जबकि दूसरे को प्राथमिक उपचार के बाद DISCHARGE कर दिया गया है।
जमीन और सिंचाई पाइप विवाद बना हमले की वजह
पीड़ित पक्ष के अनुसार, इस विवाद की शुरुआत जमीन पर लगे सिंचाई पाइप के टूटने को लेकर हुई। पीड़ित राघवेंद्र तिवारी और रविन्द्र तिवारी की बायपास ROAD के दोनों ओर पुश्तैनी जमीन है। इन दिनों सड़क निर्माण का कार्य चल रहा है, जिसके चलते निर्माण कंपनी की भारी मशीनें जमीन पर चल रही थीं। इसी दौरान खेत में लगा सिंचाई का पाइप क्षतिग्रस्त हो गया। जब दोनों भाइयों ने इस नुकसान की शिकायत निर्माण कंपनी के अधिकारियों और कर्मचारियों से की, तो विवाद बढ़ गया। आरोप है कि COMAPNY के कर्मचारियों और अधिकारियों ने पहले गाली-गलौज की और फिर लाठी-डंडों से दोनों भाइयों पर हमला कर दिया। हमले में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
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सीसीटीवी फुटेज में कैद हुई मारपीट
घटना का एक सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें हमलावर पीड़ितों के साथ मारपीट करते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद यह मामला और गंभीर हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की घटना से क्षेत्र में भय का माहौल बन गया है।

चोरहटा थाना क्षेत्र में दो सगे भाइयों पर जानलेवा हमला
पुलिस की भूमिका पर गंभीर आरोप
इस पूरे मामले में पुलिस की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि चोरहटा पुलिस आरोपियों को संरक्षण दे रही है। पीड़ित के भाई का कहना है कि पुलिस प्रोजेक्ट मैनेजर नवीन का नाम एफआईआर में शामिल नहीं करना चाहती और मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है।परिजनों का यह भी आरोप है कि पुलिस सामान्य मारपीट की धाराओं में केस दर्ज कर मामले को रफा-दफा करना चाहती है, जबकि यह हमला जानलेवा था। पीड़ित परिवार की मांग है कि आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 307 (हत्या का प्रयास) के तहत मामला दर्ज किया जाए।
थाना प्रभारी का पक्ष
चोरहटा थाना प्रभारी आशीष मिश्रा ने मामले पर सफाई देते हुए बताया कि पीड़ित राघवेंद्र तिवारी के साथ उनके भाई रविन्द्र तिवारी थाने पहुंचे थे और एफआईआर दर्ज की जा रही थी। थाना प्रभारी के अनुसार, पीड़ित पक्ष धारा 307 लगाने की मांग पर अड़ा हुआ था। उन्होंने बताया, “हमने पीड़ित पक्ष को समझाया कि फिलहाल मारपीट की धाराओं में केस दर्ज कर लिया जाए। जैसे ही मेडिकल लीगल केस (एमएलसी) रिपोर्ट प्राप्त होगी, चोटों की गंभीरता के आधार पर धाराएं बढ़ा दी जाएंगी। लेकिन पीड़ित पक्ष इस पर सहमत नहीं हुआ और बिना एफआईआर कराए थाने से चला गया।”













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