Advertisement

सिंगरौली जिले के खुटार क्षेत्र अंतर्गत पूर्व टोला (हनुमान टोला) स्थित एक प्राथमिक विद्यालय में 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के अवसर पर सामने आई

सिंगरौली जिले के खुटार क्षेत्र अंतर्गत पूर्व टोला (हनुमान टोला) स्थित एक प्राथमिक विद्यालय में 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के अवसर पर सामने आ

सिंगरौली जिले के खुटार क्षेत्र अंतर्गत पूर्व टोला (हनुमान टोला) स्थित एक प्राथमिक विद्यालय में 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के अवसर पर सामने आई

लापरवाही ने ग्रामीणों और अभिभावकों को आक्रोशित कर दिया है। राष्ट्रीय पर्व जैसे महत्वपूर्ण दिन पर स्कूल परिसर में फटा और पुराना राष्ट्रीय ध्वज फहराए जाने का मामला सामने आने के बाद पूरे गांव में नाराजगी का माहौल बन गया है। लोगों का कहना है कि यह न केवल प्रशासनिक लापरवाही है, बल्कि राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान से जुड़ा गंभीर विषय भी है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गणतंत्र दिवस के मौके पर जब विद्यालय में ध्वजारोहण किया गया, तो ग्रामीणों ने देखा कि झंडा फटा हुआ और काफी पुराना था। इस पर कई लोगों ने तुरंत आपत्ति जताई और स्कूल के शिक्षकों से सवाल किए। ग्रामीणों का आरोप है कि जब उन्होंने इस गंभीर मुद्दे पर बात की, तो शिक्षकों ने संतोषजनक जवाब देने के बजाय उनसे दुर्व्यवहार किया। इससे ग्रामीणों का आक्रोश और बढ़ गया।

ग्रामीणों और अभिभावकों का कहना है कि राष्ट्रीय ध्वज देश की अस्मिता और सम्मान का प्रतीक है

ऐसे में फटा हुआ झंडा फहराना देश का अपमान करने जैसा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब स्कूल प्रशासन को पहले से पता होता है कि 26 जनवरी जैसे राष्ट्रीय पर्व पर ध्वजारोहण होना है, तो समय रहते नए झंडे की व्यवस्था क्यों नहीं की गई।

वहीं स्कूल स्टाफ का पक्ष भी सामने आया है। शिक्षकों का कहना है कि उन्हें लंबे समय से स्कूल संचालन और अन्य आवश्यकताओं के लिए पर्याप्त फंड नहीं मिल पा रहा है। इसी कारण नया झंडा खरीदने के लिए बजट उपलब्ध नहीं हो सका और मजबूरी में पुराना झंडा ही फहराना पड़ा। शिक्षकों ने यह भी कहा कि उनका इरादा किसी तरह का अपमान करने का नहीं था, बल्कि परिस्थितिवश उन्हें ऐसा करना पड़ा।

हालांकि, ग्रामीण इस तर्क से संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि चाहे फंड की समस्या हो या कोई और कारण,

, राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। यदि स्कूल के पास संसाधनों की कमी थी, तो इसकी सूचना पहले ही उच्च अधिकारियों को दी जानी चाहिए थी, ताकि समय रहते समाधान निकाला जा सके।

घटना की जानकारी फैलते ही गांव में इस विषय पर व्यापक चर्चा शुरू हो गई है। कई लोगों ने शिक्षा विभाग से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो भविष्य में भी इस तरह की लापरवाहियां होती रहेंगी।

कुछ सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने भी इस घटना पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि स्कूलों का दायित्व केवल शिक्षा देना ही नहीं

बल्कि बच्चों में देशभक्ति और राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति सम्मान की भावना विकसित करना भी है। जब स्कूल स्तर पर ही इस तरह की चूक होगी, तो बच्चों पर इसका गलत संदेश जाएगा।

सिंगरौली जिले के खुटार क्षेत्र अंतर्गत पूर्व टोला (हनुमान टोला) स्थित एक प्राथमिक विद्यालय में 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के अवसर पर सामने आई

सिंगरौली जिले के खुटार क्षेत्र अंतर्गत पूर्व टोला (हनुमान टोला) स्थित एक प्राथमिक विद्यालय में 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के अवसर पर सामने आ

सिंगरौली जिले के खुटार क्षेत्र अंतर्गत पूर्व टोला (हनुमान टोला) स्थित एक प्राथमिक विद्यालय में 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के अवसर पर सामने आ

ग्रामीणों का यह भी कहना है कि सरकारी स्कूलों की स्थिति पहले से ही कई चुनौतियों से जूझ रही है। कहीं भवन जर्जर हैं, कहीं शिक्षकों की कमी है और कहीं बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। ऐसे में इस तरह की घटनाएं सरकारी तंत्र की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती हैं।

फिलहाल ग्रामीणों ने मांग की है कि शिक्षा विभाग इस मामले को गंभीरता से लेते हुए दोषियों की पहचान करे और उचित कार्रवाई करे। साथ ही स्कूलों को समय पर आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, ताकि भविष्य में किसी भी राष्ट्रीय पर्व पर इस तरह की स्थिति उत्पन्न न हो।

यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि क्या हम राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान को लेकर पर्याप्त संवेदनशील हैं। जरूरत इस बात की है कि प्रशासन, स्कूल प्रबंधन और समाज मिलकर यह सुनिश्चित करें कि देश के गौरव से जुड़े किसी भी प्रतीक का अपमान न हो और बच्चों को शुरू से ही इनके महत्व के बारे में सही संस्कार दिए जाएं।

Share on social media

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *