रिकॉर्ड ऊंचाई के बाद सोना-चांदी में भारी गिरावट, निवेशकों में हड़कंप
बेंगलुरु/नई दिल्ली। भारतीय सर्राफा बाजार में शुक्रवार को सोना और चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई, जिसने निवेशकों और व्यापारियों के बीच हड़कंप मचा दिया। बीते 24 घंटों के भीतर चांदी के दाम में एक लाख रुपये से अधिक की गिरावट आई, जबकि सोना भी 20 हजार रुपये से अधिक सस्ता हो गया। इस गिरावट ने हाल ही में निवेशकों द्वारा की गई बड़ी खरीदारी और बाजार में रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचे भावों के बाद लोगों को चौंका दिया।
हाल ही में चांदी के दाम लगभग 4.20 लाख रुपये प्रति किलो और सोना 2 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के करीब पहुंच गया था। इस तेज़ उछाल के बाद अचानक आई गिरावट ने न केवल निवेशकों को बल्कि व्यापारियों और आम खरीदारों को भी हैरान कर दिया। शुक्रवार को चांदी ₹1,07,000 की भारी गिरावट के साथ ₹2,91,000 प्रति किलो पर आ गई, वहीं सोना ₹20,338 सस्ता होकर ₹1,49,075 प्रति 10 ग्राम रह गया।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस गिरावट के कई कारण हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमती धातुओं की कीमतों में कमजोरी,
मुनाफावसूली, और डॉलर की मजबूती प्रमुख कारण माने जा रहे हैं। डॉलर के मजबूत होने से भारत में सोने और चांदी के आयातक महंगे हो गए हैं, जिससे कीमतों पर दबाव बढ़ा। इसके अलावा, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव भी निवेशकों की सावधानी को बढ़ा रहे हैं।

रिकॉर्ड ऊंचाई के बाद सोना-चांदी में भारी गिरावट, निवेशकों में हड़कंप
सर्राफा बाजार के व्यापारियों का कहना है कि हाल के महीनों में सोने और चांदी की कीमतों में लगातार उछाल ने निवेशकों को आकर्षित किया। कई लोग कम ब्याज दरों और आर्थिक अनिश्चितता के चलते सुरक्षित निवेश के लिए सोने और चांदी में पैसा लगा रहे थे। लेकिन इस अचानक गिरावट ने निवेशकों के लिए चिंता की लकीर खींच दी है। छोटे निवेशक जो हाल ही में सोना और चांदी खरीदकर लाभ कमाने की उम्मीद में थे, अब नुकसान की स्थिति का सामना कर रहे हैं।
आम खरीदारों के लिए यह गिरावट थोड़ी राहत लेकर आई है। अब वे कम दामों पर सोना और चांदी खरीद सकते हैं
त्योहारों और विवाह के मौसम में सोने-चांदी की मांग बढ़ जाती है, और इस गिरावट से बाजार में मांग को थोड़ी मजबूती मिल सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार स्थिर रहता है, तो आने वाले दिनों में कीमती धातुओं की कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
विशेषज्ञों ने निवेशकों को सलाह दी है कि वे भावों में अचानक आई गिरावट के बावजूद पैनिक न करें और सोच-समझकर निवेश करें। बाजार में अस्थिरता बनी रहने की संभावना है, इसलिए निवेशकों को धैर्य बनाए रखने और केवल प्रमाणित और भरोसेमंद स्रोतों से ही धातुएं खरीदने की सलाह दी गई है।
इस गिरावट ने न केवल निवेशकों को हड़कंप में डाल दिया है, बल्कि व्यापारियों के लिए भी चुनौती खड़ी कर दी
सर्राफा व्यापारियों का कहना है कि उन्हें अपने ग्राहकों को भावों में उतार-चढ़ाव के बारे में सूचित करना पड़ रहा है और मांग को संतुलित बनाए रखना कठिन हो रहा है। वहीं, कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि सोने और चांदी की कीमतें लंबे समय तक स्थिर नहीं रहेंगी और अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति के आधार पर नए स्तर तय होंगे।
इस घटना से स्पष्ट है कि सोना और चांदी की कीमतें केवल स्थानीय मांग और आपूर्ति पर नहीं, बल्कि वैश्विक आर्थिक स्थितियों और विदेशी मुद्राओं की मजबूती या कमजोरी पर भी निर्भर करती हैं। निवेशकों को इस अस्थिरता को ध्यान में रखते हुए रणनीति बनानी होगी।
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रिकॉर्ड ऊंचाई के बाद सोना-चांदी में भारी गिरावट
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निवेशकों में हड़कंप, सोना ₹20,338 सस्ता
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चांदी में ₹1,07,000 की बड़ी गिरावट
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सर्राफा बाजार में निवेशकों की चिंता बढ़ी
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डॉलर मजबूती और मुनाफावसूली से कीमती धातुओं पर दबाव
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आम खरीदारों को मिली थोड़ी राहत
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सोने-चांदी की कीमतों में अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर
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विशेषज्ञों ने निवेशकों को सलाह दी धैर्य बनाए रखने की
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शादी और त्योहार के मौसम में खरीदारी के लिए समय सही?
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सर्राफा व्यापारियों के लिए चुनौती, बाजार में अस्थिरता
कुल मिलाकर, शुक्रवार की गिरावट ने यह दिखा दिया कि रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंची कीमती धातुओं में अचानक गिरावट का जोखिम हमेशा बना रहता है। निवेशकों, व्यापारियों और आम खरीदारों के लिए यह एक चेतावनी भी है कि बाजार में उतार-चढ़ाव के लिए तैयार रहना जरूरी है।













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