केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज लोकसभा में अपना नौवां केंद्रीय बजट पेश किया
बजट 2026 को लेकर देशभर में चर्चा तेज है और इसका असर अब धीरे-धीरे आम लोगों की जेब पर साफ नजर आने लगा है। खासतौर पर रोजमर्रा के खर्च और उपभोग से जुड़े उत्पादों की कीमतों में बदलाव ने लोगों का ध्यान खींचा है।
बजट 2026 के बाद सबसे बड़ा असर शराब और तंबाकू उत्पादों पर देखा जा रहा है। सरकार ने शराब पर टैक्स स्ट्रक्चर में बदलाव किया है, जिसके चलते आने वाले दिनों में शराब के दाम बढ़ने की पूरी संभावना है। विशेषज्ञों का कहना है कि राज्य सरकारें अपने-अपने स्तर पर इस टैक्स का असर कीमतों में जोड़ेंगी, जिससे शराब उपभोक्ताओं को ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं। इसका सीधा असर उन लोगों पर पड़ेगा, जो नियमित रूप से शराब का सेवन करते हैं।
इसके साथ ही सिगरेट भी महंगी कर दी गई है। बजट में तंबाकू उत्पादों पर टैक्स बढ़ाने का प्रावधान किया गया है
जिससे सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों की कीमतों में इजाफा होना तय माना जा रहा है। सिगरेट के दाम बढ़ने से शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ छोटे शहरों और कस्बों में भी इसका असर देखने को मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि कीमतें बढ़ने से तंबाकू उत्पादों की खपत में कमी आ सकती है, जो स्वास्थ्य के लिहाज से एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
हालांकि, बजट 2026 में एक राहत भरी खबर भी सामने आई है। सरकार ने बीड़ी को सस्ती करने का फैसला किया है
बीड़ी पर टैक्स में राहत दिए जाने से इसके दाम घट सकते हैं या कम से कम पहले जैसे ही बने रहेंगे। इससे खासकर ग्रामीण क्षेत्रों और निम्न आय वर्ग के लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है, क्योंकि बीड़ी का सेवन आमतौर पर इन्हीं वर्गों में ज्यादा देखा जाता है। बीड़ी उद्योग से जुड़े छोटे कारोबारियों और श्रमिकों के लिए भी यह फैसला राहत लेकर आया है।
आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार का यह कदम पूरी तरह से रणनीतिक है
एक ओर जहां स्वास्थ्य के लिए ज्यादा नुकसानदायक माने जाने वाले उत्पादों—जैसे शराब और सिगरेट—को महंगा किया गया है, वहीं दूसरी ओर बीड़ी जैसे उत्पाद पर राहत देकर छोटे उद्योगों और रोजगार को ध्यान में रखा गया है। बीड़ी उद्योग देश के कई राज्यों में लाखों
लोगों को रोजगार देता है, खासकर महिलाओं और ग्रामीण श्रमिकों को।
सरकार का तर्क है कि टैक्स नीति के जरिए लोगों की उपभोग आदतों को भी प्रभावित किया जा सकता है। शराब और सिगरेट जैसी चीजों के महंगे होने से इनकी खपत कम हो सकती है, जिससे लंबी अवधि में स्वास्थ्य पर सकारात्मक असर पड़ेगा। वहीं, बीड़ी पर राहत देने से यह संदेश भी दिया गया है कि सरकार गरीब और श्रमिक वर्ग की आर्थिक स्थिति को भी समझती है।
बजट 2026 को लेकर आम जनता की मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आ रही है। जहां शराब और सिगरेट पीने वाले लोग बढ़ती कीमतों को लेकर नाराज दिख रहे हैं, वहीं बीड़ी उपभोक्ताओं और उससे जुड़े कारोबारियों ने राहत की सांस ली है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ इस फैसले को सही दिशा में उठाया गया कदम मान रहे हैं, जबकि कुछ अर्थशास्त्रियों का कहना है कि इससे सरकार को राजस्व भी मिलेगा और सामाजिक उद्देश्य भी पूरे होंगे।
कुल मिलाकर, बजट 2026 में टैक्स से जुड़े ये बदलाव यह साफ दिखाते हैं कि सरकार केवल राजस्व बढ़ाने पर ही नहीं













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