शिव बारात के पोस्टर हटाने पर उठा विवाद, आस्था से खिलवाड़ का आरोप
शहर में प्रस्तावित शिव बारात कार्यक्रम को लेकर उस समय विवाद गहरा गया, जब नगर निगम कर्मचारियों पर भगवान शिव के पोस्टरों के अपमान का आरोप लगा। मामला SHILPI PLAZA स्थित मुख्य मार्केट का है, जहाँ 15 फरवरी को आयोजित होने वाली शिव बारात के प्रचार-प्रसार के लिए पोस्टर लगाए गए थे। आरोप है कि नगर निगम द्वारा पोस्टर हटाने की कार्रवाई के दौरान धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई गई, जिससे शहर में तनाव का माहौल बन गया।
आयोजक का आरोप: पोस्टरों को पैरों से कुचला, थूकने जैसी हरकत
शिव बारात के आयोजक मनीष गुप्ता ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि नगर निगम कर्मचारियों ने पोस्टर हटाते समय न सिर्फ उन्हें पैरों से कुचला, बल्कि एक पोस्टर पर थूकने जैसी आपत्तिजनक हरकत भी की। आयोजकों का कहना है कि यह केवल पोस्टर हटाने की कार्रवाई नहीं थी, बल्कि उनकी धार्मिक आस्था और भगवान शिव का अपमान था। इस घटना की खबर फैलते ही शिवभक्तों में भारी आक्रोश फैल गया।
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शिव बारात के पोस्टर हटाने पर बवाल, आस्था से खिलवाड़ का आरोप
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शिल्पी प्लाजा में धार्मिक विवाद, नगर निगम पर पोस्टर अपमान का आरोप
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पोस्टर हटाने को लेकर सड़क जाम, चार घंटे तक ठप रहा बाजार
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शिवभक्तों का आक्रोश: पोस्टर कुचलने और थूकने का आरोप
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शिव बारात विवाद: नगर निगम ने मांगी माफी, तब शांत हुआ मामला
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धार्मिक भावनाएं आहत होने का आरोप, शिल्पी प्लाजा में हंगामा
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पोस्टर विवाद पर आमने-सामने आयोजक और नगर निगम
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संपत्ति विरूपण की कार्रवाई या आस्था का अपमान? जांच के आदेश
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शिव बारात प्रचार पर विवाद, पुलिस और निगम अधिकारियों ने संभाला मोर्चा
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नगर निगम कर्मचारियों की कथित हरकत पर कार्रवाई की मांग तेज
शिवभक्तों का आक्रोश, मुख्य MARKET में DHARNA और सड़क जाम
घटना से नाराज आयोजकों और शिवभक्तों ने शिल्पी प्लाजा के मुख्य मार्केट में धरना शुरू कर दिया और सड़क जाम कर दी। करीब चार घंटे तक चले इस प्रदर्शन के कारण शहर के प्रमुख बाजार क्षेत्र में यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा। वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह मामला केवल पोस्टरों का नहीं, बल्कि हिंदू धर्म और आस्था के सम्मान से जुड़ा है, जिसे किसी भी हाल में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
पुलिस और नगर निगम अधिकारियों ने संभाला मोर्चा, माफी के बाद शांत हुआ मामला
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को समझाइश देकर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। बाद में नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। NAGAR NIGAM उपायुक्त प्रकाश द्विवेदी ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और नगर निगम की ओर से माफी मांगी। माफी और आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारियों ने धरना समाप्त किया, जिसके बाद यातायात धीरे-धीरे सामान्य हो सका।

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नगर निगम का पक्ष: संपत्ति विरूपण के तहत हुई कार्रवाई
इस पूरे मामले पर नगर निगम की ओर से अपना पक्ष भी रखा गया। उपायुक्त प्रकाश द्विवेदी ने बताया कि पोस्टर हटाने की कार्रवाई संपत्ति विरूपण अधिनियम के तहत की गई थी। उन्होंने कहा कि कुछ पोस्टर सड़क के बेहद नीचे लगाए गए थे, जिससे यातायात बाधित हो रहा था और दुर्घटना की आशंका बनी हुई थी। निगम का उद्देश्य किसी की धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचाना नहीं था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कर्मचारियों पर लगाए गए आरोपों की जांच कराई जाएगी और यदि कोई दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।













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