‘परीक्षा पर चर्चा’ : तनावमुक्त शिक्षा की दिशा में पहल
‘परीक्षा पर चर्चा’ कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को परीक्षा के भय और तनाव से मुक्त करना है। प्रधानमंत्री NARENDRA MODI ने अपने संबोधन में कहा कि EXAM को जीवन का अंतिम पड़ाव नहीं, बल्कि सीखने की एक प्रक्रिया के रूप में देखना चाहिए। उन्होंने छात्रों को यह समझाया कि परीक्षा केवल ज्ञान का मूल्यांकन है, न कि जीवन की सफलता या असफलता का पैमाना। इस संदेश ने विद्यार्थियों को मानसिक रूप से मजबूत बनने की प्रेरणा दी।
विद्यालय में हुआ सीधा प्रसारण, छात्रों ने दिखाया उत्साह
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मार्तंड क्रमांक–3 में कार्यक्रम का सीधा प्रसारण बड़े स्क्रीन के माध्यम से किया गया। विद्यालय के छात्र-छात्राएं समय से पहले ही सभागार में एकत्र हो गए थे। कार्यक्रम के दौरान सभी विद्यार्थियों ने अनुशासन के साथ प्रधानमंत्री के विचारों को सुना। कई छात्रों ने कहा कि उन्हें पहली बार परीक्षा को लेकर इतनी सकारात्मक सोच मिली है, जिससे उनका डर काफी कम हुआ है।
अतिथियों की उपस्थिति से बढ़ा कार्यक्रम का महत्व
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जिला पंचायत REWA की अध्यक्ष नीता कोल रहीं। अध्यक्षता सहायक संचालक, जेडी कार्यालय बीणा पयासी ने की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का मार्गदर्शन विद्यार्थियों के जीवन में स्पष्ट लक्ष्य और आत्मविश्वास पैदा करता है। उन्होंने छात्रों को नियमित अध्ययन, अनुशासन और आत्ममंथन पर जोर दिया।

‘परीक्षा पर चर्चा’ : तनावमुक्त शिक्षा की दिशा में पहल
शिक्षा अधिकारियों ने बताया कार्यक्रम को उपयोगी
इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी REWA रामराज मिश्रा, सहायक संचालक RAJESH MISHRA एवं विकासखंड शिक्षा अधिकारी रीवा आर.एल. दीपांकर विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने कार्यक्रम को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन छात्रों को केवल परीक्षा ही नहीं, बल्कि जीवन की चुनौतियों के लिए भी तैयार करते हैं।
विद्यार्थियों में दिखी सकारात्मक ऊर्जा और आत्मविश्वास
कार्यक्रम के समापन के बाद विद्यार्थियों में नई ऊर्जा और उत्साह देखने को मिला। छात्रों ने आपस में चर्चा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री की बातों से उन्हें आत्मविश्वास मिला है और अब वे परीक्षा को डर के बजाय अवसर के रूप में देखेंगे। शिक्षकों ने भी माना कि ‘परीक्षा पर चर्चा’ जैसे कार्यक्रम छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और शैक्षणिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।













Leave a Reply