Advertisement

4 babies born in 5 days : अमीना का मामला क्यों बना चर्चा का विषय

4 babies born in 5 days: संभल जिले की निवासी 31 वर्षीय महिला एक साथ चार बच्चों की गर्भवती थी। हाल ही में उसकी डिलीवरी हुई, जिसमें उसने कुछ द‍िनों के गैप पर 4 बच्चों को जन्म दिया। हालांकि, ऐसे मामलों में प्रीमैच्योर डिलीवरी और बच्चों का कम वजन जैसे कई स्वास्थ्य जोखिम बढ़ जाते हैं।

4 babies born in 5 days: संभल की अमीना का मामला क्यों बना चर्चा का विषय 

4 babies born in 5 days

अमीना

Sambhal के असमोली क्षेत्र से सामने आया एक अनोखा मामला इन दिनों लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। यहां 31 वर्षीय महिला अमीना ने 5 दिनों के अंतराल में 4 बच्चों को जन्म दिया। यह मामला इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि चारों बच्चों की डिलीवरी सामान्य प्रसव यानी नॉर्मल डिलीवरी से हुई। डॉक्टरों के अनुसार यह एक हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी थी, जिसमें मां और बच्चों दोनों की सुरक्षा बड़ी चुनौती बनी हुई थी।

4 babies born in 5 days: 9 मई को पहले बेटे का जन्म, फिर 14 मई को हुए तीन और बच्चे

4 babies born in 5 days

AI Image

जानकारी के मुताबिक, अमीना को 8 मई को लेबर पेन शुरू हुआ। इसके बाद 9 मई 2026 को उन्होंने एक बेटे को जन्म दिया। परिवार और डॉक्टरों को लगा कि डिलीवरी पूरी हो चुकी है, लेकिन कुछ दिनों बाद फिर से दर्द शुरू हुआ। जांच में पता चला कि गर्भ में अभी तीन और भ्रूण मौजूद हैं। इसके बाद 14 मई को महिला ने तीन और बच्चों को जन्म दिया। इस तरह 5 दिनों के भीतर चार बच्चों का जन्म हुआ।

डॉक्टरों का कहना है कि इस तरह के मामले बेहद दुर्लभ होते हैं। सामान्य तौर पर मल्टीपल प्रेग्नेंसी में सभी बच्चों का जन्म एक ही समय के आसपास होता है, लेकिन कुछ विशेष परिस्थितियों में डिलीवरी के बीच अंतर देखा जा सकता है।

4 babies born in 5 days: क्या होती है मल्टीपल प्रेग्नेंसी?

4 babies born in 5 days

जब किसी महिला के गर्भ में एक साथ एक से अधिक भ्रूण विकसित होते हैं, तो उसे मल्टीपल प्रेग्नेंसी कहा जाता है। इसमें जुड़वां, ट्रिपलेट्स या उससे अधिक बच्चे शामिल हो सकते हैं। आधुनिक समय में प्रजनन उपचार, बढ़ती मातृत्व आयु और कुछ आनुवंशिक कारणों की वजह से ऐसे मामलों में वृद्धि देखी जा रही है।

विशेषज्ञों के अनुसार, जैसे-जैसे गर्भ में बच्चों की संख्या बढ़ती है, वैसे-वैसे गर्भावस्था जटिल होती जाती है। यही कारण है कि ऐसी प्रेग्नेंसी को हमेशा हाई-रिस्क कैटेगरी में रखा जाता है।

4 babies born in 5 days: मल्टीपल प्रेग्नेंसी में बढ़ जाते हैं ये बड़े जोखिम

डॉक्टरों के मुताबिक, एक से अधिक बच्चों की गर्भावस्था में मां और शिशुओं दोनों को कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

1. समय से पहले प्रसव का खतरा

मल्टीपल प्रेग्नेंसी में सबसे आम समस्या प्रीमैच्योर डिलीवरी यानी समय से पहले प्रसव है। गर्भाशय पर अधिक दबाव पड़ने के कारण डिलीवरी तय समय से पहले हो सकती है। समय से पहले जन्म लेने वाले बच्चों के अंग पूरी तरह विकसित नहीं होते।

2. बच्चों का कम वजन

ऐसे शिशुओं का जन्म अक्सर कम वजन के साथ होता है। कम वजन वाले बच्चों को संक्रमण, सांस लेने में दिक्कत और विकास संबंधी समस्याओं का खतरा अधिक रहता है।

3. फेफड़ों का पूरी तरह विकसित न होना

विशेषज्ञ बताते हैं कि समय से पहले जन्मे बच्चों के फेफड़े कई बार पूरी तरह विकसित नहीं होते। ऐसे बच्चों को एनआईसीयू यानी गहन नवजात देखभाल की जरूरत पड़ सकती है।

4. मां में हाई ब्लड प्रेशर और प्रीक्लेम्पसिया

मल्टीपल प्रेग्नेंसी में महिलाओं में हाई ब्लड प्रेशर और प्रीक्लेम्पसिया का खतरा काफी बढ़ जाता है। यह स्थिति मां और बच्चे दोनों के लिए खतरनाक साबित हो सकती है।

5. जेस्टेशनल डायबिटीज और एनीमिया

एक से अधिक भ्रूण होने पर शरीर की पोषण संबंधी जरूरतें बढ़ जाती हैं। ऐसे में महिलाओं में खून की कमी यानी एनीमिया और गर्भावस्था के दौरान डायबिटीज होने का खतरा बढ़ जाता है।

6. अत्यधिक रक्तस्राव का खतरा

डिलीवरी के दौरान या बाद में अधिक रक्तस्राव भी एक बड़ी समस्या बन सकता है। कई मामलों में मां की स्थिति गंभीर हो सकती है।

इसे भी देखें – Rewa Hotel Case: कमरे में युवक-युवती Dead, जहर की आशंका

किन महिलाओं में बढ़ जाती है मल्टीपल प्रेग्नेंसी की संभावना?

विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ परिस्थितियों में एक से अधिक बच्चों के गर्भधारण की संभावना अधिक हो जाती है।

  • 30 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं में
  • परिवार में जुड़वां बच्चों का इतिहास होने पर
  • प्रजनन संबंधी दवाओं या आईवीएफ उपचार के इस्तेमाल पर
  • अधिक लंबाई या वजन वाली महिलाओं में
  • अगर महिला स्वयं जुड़वां जन्मी हो

इसे भी देखें – मकर संक्रांति पर Rewa Police Alert, चाइनीज मांझे के खिलाफ No 1 कार्रवाई

डॉक्टरों ने क्या कहा?

मुंबई स्थित Wockhardt Hospitals की प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. ऋचा भारद्वाज के अनुसार, मल्टीपल प्रेग्नेंसी को सामान्य गर्भावस्था की तरह नहीं देखा जा सकता। इसमें मां और बच्चों दोनों की लगातार निगरानी जरूरी होती है।

उनका कहना है कि समय से पहले जन्म लेने वाले बच्चों को सांस लेने, भोजन करने और संक्रमण से बचाव में कई तरह की दिक्कतें हो सकती हैं। वहीं मां को भी हाईबीपी, कमजोरी, एनीमिया और अत्यधिक रक्तस्राव जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

विशेषज्ञों की सलाह: नियमित जांच बेहद जरूरी

डॉक्टरों का कहना है कि मल्टीपल प्रेग्नेंसी में नियमित अल्ट्रासाउंड, संतुलित पोषण, पर्याप्त आराम और विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी बेहद जरूरी होती है। जरा सी लापरवाही भी मां और बच्चों दोनों के लिए गंभीर खतरा बन सकती है।

संभल की अमीना का मामला भले ही दुर्लभ और चर्चा में रहने वाला हो, लेकिन विशेषज्ञ इसे सामान्य स्थिति मानने से बचने की सलाह देते हैं। उनका कहना है कि ऐसी गर्भावस्था में हर कदम पर सावधानी और मेडिकल निगरानी बेहद जरूरी होती है।

Share on social media

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *