Indore Water Crisis: इंदौर में पानी संकट बढ़ता जा रहा है। इसे लेकर जगह-जगह प्रदर्शन चल रहा है। नियमित जलापूर्ति नहीं होने के कारण स्थिति बिगड़ती जा रही है। टैंकर आने पर लोगों की भीड़ उमड़ रही है।
Indore Water Crisis: भीषण गर्मी के बीच पानी के लिए जूझ रहा इंदौर

मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी Indore इन दिनों गंभीर जल संकट से जूझ रही है। लगातार बढ़ती गर्मी और घटती जलापूर्ति ने शहरवासियों की परेशानी बढ़ा दी है। शहर के कई वार्डों और कॉलोनियों में नियमित रूप से पानी नहीं पहुंच पा रहा है, जिसके कारण लोग टैंकरों पर निर्भर हो गए हैं। हालात ऐसे बन गए हैं कि जैसे ही किसी इलाके में पानी का टैंकर पहुंचता है, वहां बाल्टी, ड्रम और बर्तनों के साथ लोगों की लंबी कतारें लग जाती हैं।
नगर निगम की ओर से ट्रैक्टर और टैंकरों के माध्यम से पानी पहुंचाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन रहवासियों का कहना है कि यह व्यवस्था पूरी तरह नाकाफी साबित हो रही है। कई इलाकों में दो से तीन दिन तक पानी नहीं पहुंचने की शिकायतें सामने आ रही हैं। लोगों का आरोप है कि प्रशासन स्थिति की गंभीरता को समझने में देरी कर रहा है।
Indore Water Crisis: अलग-अलग इलाकों में फूटा लोगों का गुस्सा
रविवार को पानी की समस्या को लेकर शहर के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। कांग्रेस नेताओं और स्थानीय रहवासियों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। सबसे बड़ा प्रदर्शन पालदा चौराहे पर हुआ, जहां वार्ड-75 के पार्षद कुणाल सोलंकी के नेतृत्व में लोगों ने सड़क पर उतरकर चक्का जाम कर दिया।
सुबह करीब साढ़े नौ बजे शुरू हुआ यह प्रदर्शन घंटों तक जारी रहा। प्रदर्शनकारियों ने सड़क के बीच बैठकर नगर निगम और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लोगों का कहना था कि कई दिनों से उनके घरों में पर्याप्त पानी नहीं पहुंच रहा है। मजबूरी में उन्हें महंगे दामों पर निजी टैंकरों से पानी खरीदना पड़ रहा है।
स्थानीय रहवासियों ने बताया कि पानी की कमी के कारण दैनिक जीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। कई परिवारों को दूर-दराज के इलाकों से पानी लाना पड़ रहा है। महिलाओं और बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
Indore Water Crisis: चक्का जाम से थमी ट्रैफिक व्यवस्था

पालदा चौराहे पर हुए चक्का जाम का असर पूरे इलाके की यातायात व्यवस्था पर पड़ा। सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और कई सिटी बसें जाम में फंस गईं। भीषण गर्मी में यात्रियों को घंटों बसों के भीतर इंतजार करना पड़ा।
स्थिति को संभालने के लिए पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने और सड़क खाली कराने की कोशिश की, लेकिन लोग अपनी मांगों पर अड़े रहे। प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच लंबे समय तक बातचीत चलती रही।
Indore Water Crisis: एसीपी के सामने दंडवत हुए पार्षद
पालदा प्रदर्शन के दौरान एक ऐसी तस्वीर सामने आई जिसने पूरे शहर का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। सड़क खाली कराने पहुंचे एसीपी के सामने वार्ड-75 के पार्षद कुणाल सोलंकी अचानक दंडवत प्रणाम करते नजर आए। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों ने अपने मोबाइल कैमरों में कैद कर लिया और देखते ही देखते यह तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह कदम जनता की पीड़ा और प्रशासन की अनदेखी के खिलाफ प्रतीकात्मक विरोध था। वहीं कुछ लोगों ने इसे प्रशासन पर दबाव बनाने की राजनीतिक कोशिश भी बताया। हालांकि इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है।
दीनदयाल चौराहा और सुखलिया में भी प्रदर्शन
सिर्फ पालदा ही नहीं, बल्कि दीनदयाल उपाध्याय चौराहा और सुखलिया जोन-5 क्षेत्र में भी लोगों ने पानी की समस्या को लेकर प्रदर्शन किया। वार्ड-27 में पार्षद राजू भदौरिया के नेतृत्व में रहवासी और कांग्रेस कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से जलापूर्ति प्रभावित है। पहले स्थानीय स्तर पर टैंकरों के जरिए पानी पहुंचाया जा रहा था, लेकिन अब वह व्यवस्था भी ठप पड़ गई है। लोगों ने नगर निगम और महापौर के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए जल्द समाधान की मांग की।
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लगातार आंदोलन कर रही कांग्रेस
पानी की समस्या को लेकर कांग्रेस लगातार आंदोलन कर रही है। इससे पहले भी शहर के सभी 22 जोनल कार्यालयों पर प्रदर्शन किए जा चुके हैं। कई इलाकों में रहवासियों ने धरना, प्रदर्शन और चक्का जाम कर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई है।
शनिवार को बड़ी संख्या में लोग पानी की मांग को लेकर पैदल मार्च करते हुए विधायक रमेश मेंदोला के निवास तक पहुंचे थे। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द जल संकट का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती
भीषण गर्मी के बीच बढ़ता जल संकट अब प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। शहर की बढ़ती आबादी, पानी की मांग और कमजोर वितरण व्यवस्था के कारण स्थिति लगातार गंभीर होती दिख रही है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द स्थायी समाधान नहीं निकाला गया तो आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं।















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