दीपावली के अवसर पर आतिशबाजी विक्रेता एक अक्टूबर से 14 अक्टूबर को शाम 6 बजे तक एमपी ई सर्विस पोर्टल के माध्यम से आतिशबाजी लायसेंस के लिए आनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन लोक सेवा केन्द्र के माध्यम से करना होगा। शहरी क्षेत्र रीवा के लिए आतिशबाजी लायसेंस के आवेदन की हार्ड कॉपी कलेक्टर कार्यालय में अनिवार्य रूप से जमा करना होगा। शहरी क्षेत्र में आतिशबाजी लायसेंस के नवीन आवेदन स्वीकार नहीं किये जायेंगे। इस संबंध में अपर जिला दण्डाधिकारी सपना त्रिपाठी ने बताया कि आतिशबाजी लायसेंस के आवेदन के साथ पुलिस चरित्र सत्यापन, पासपोर्ट फोटो, वोटर आईडी, एवं आधार कार्ड की छायाप्रति और 500 रूपये शुल्क लोक सेवा केंद्र के माध्यम से जमा करना होगा। आतिशबाजी/पटाखा विक्रय के लिए अस्थाई लायसेंसधारी को बेसिक ट्रेनिंग स्कूल ग्राउंड खुटेही तथा ग्रामीण क्षेत्रों में निर्धारित स्थानों में दुकान लगानी होगी। अपर जिला दंडाधिकारी ने बताया कि दुकानों का आवंटन 16 अक्टूबर को अपरान्ह 3 बजे से लाटरी द्वारा किया जायेगा। लायसेंसधारी दुकानदारों को 18 अक्टूबर से एक नवम्बर तक आतिशबाजी, पटाखा विक्रय के लिए बेसिक ट्रेनिंग स्कूल ग्राउंड खुटेही में तथा ग्रामीण क्षेत्र में निर्धारित स्थान पर दुकान लगाने की अनुमति दी जायेगी। आतिशबाजी विक्रय के निर्धारित स्थल के अतिरिक्त कहीं भी आतिशबाजी की दुकान लगाना व विक्रय करना दण्डनीय अपराध माना जायेगा। अत्यधिक आवाज वाले पटाखों का विक्रय पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। सभी अनुज्ञप्तिधारी व्यापारी को भारत सरकार द्वारा जारी दीपावली पर्व पर आतिशबाजी के क्रय-विक्रय हेतु निर्देशों का पालन करना होगा। दुकानों का लेआउट एवं नंबरिंग व आवंटन लाटरी के माध्यम से करने के लिए समिति बनायी गयी है। समिति में डिप्टी कलेक्टर आर.के. सिन्हा, तहसीलदार शिवशंकर शुक्ला, नायब तहसीलदार तेजपति सिंह तथा एसके गर्ग कार्यपालन यंत्री को शामिल किया गया। अपर कलेक्टर ने कहा कि आतिशबाजी को सुरक्षित एवं अज्वलनशील सामग्री से बने टीन शेड का निर्माण व एक अग्नि शमन यंत्र एवं दो रेत की बाल्टी की व्यवस्था लायसेंसधारी स्वयं करेगा। दुकान के सुरक्षा की जिम्मेदारी लायसेंसधारी व्यापारी की होगी। आतिशबाजी की अस्थाई दुकानें एक दूसरे से 3 मीटर की दूरी पर एवं किसी सुरक्षित स्थल से 50 मीटर की दूरी पर होंगी। यह अस्थाई दुकानें एक-दूसरे के आमने-सामने नहीं होगी। सुरक्षा की दृष्टि से इन दुकानों में प्रकाश के लिए किसी प्रकार का तेल लैम्प, गैस लैम्प एवं खुले बिजली बत्तियों का उपयोग नहीं होगा। यदि किसी बिजली की लाइनों का उपयोग किया जाता है तो उसे या तो दीवाल या छत पर दृढ़ता से लगाना होगा एवं किसी प्रकार के तार लटके नहीं होगे। इन बत्तियों के लिए स्विच दीवार पर लगाने होंगे एवं एक पंक्ति की सभी दुकान के लिए मास्टर स्विच लगाना होगा। उन्होंने कहा कि किसी दुकान के 50 मीटर के अंदर आतिशबाजी का प्रदर्शन प्रतिबंधित होगा। दुकान आवंटित होने पर उसका संचालन स्वयं करना होगा। लायसेंसधारी को अनुज्ञप्ति पत्र की मूल प्रति अपनी दुकान में अपने फोटो के साथ प्रदर्शित करना होगा। जिला प्रशासन ने आमजन से अपेक्षा की है कि किसी भी संवेदनशील स्थान, घनी आवादी, बीच बाजार व अन्य भीड़ भरे स्थानों व सड़कों पर पटाखे न फोड़े और दूसरों को भी ऐसा करने से रोके। पटाखे फोड़ने के स्थान पर पानी की व्यवस्था रखें तथा जले हुए स्थान पर पानी डाले व बर्फ रखें। हाथ में रखकर पटाखे न फोड़े तथा अधिक आवाज वाले पटाखे न खरीदे और न फोड़े। पटाखे निर्जन स्थानों पर ही जलायें ताकि पडोसी अथवा राहगीर आदि को खतरा उत्पन्न न हो। दुर्घटना की स्थिति में नगर निगम अथवा पुलिस कंट्रोल रूम को तत्काल सूचना दें।















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