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India Bloc Meeting: इंडिया ब्लॉक की बैठक से दूर रही TVK, जानिए इसके पीछे की 5 बड़ी राजनीतिक वजहें

India Bloc Meeting: तमिलनाडु में कांग्रेस पार्टी की नई सहयोगी और मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय की पार्टी टीवीके इंडिया ब्लॉक की बैठक से दूर है। जबकि, उनकी सरकार में कांग्रेस के अलावा इंडी गठबंधन की कई अन्य सहयोगी पार्टियां भी शामिल हैं। इसके पीछे कई महत्वपूर्ण कारण है।

India Bloc Meeting: दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में सोमवार को इंडिया ब्लॉक के 23 विपक्षी दलों की महत्वपूर्ण बैठक

India Bloc Meeting

नई दिल्ली। दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में सोमवार को इंडिया ब्लॉक के 23 विपक्षी दलों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई, लेकिन इस बैठक में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय की पार्टी तमिलगा वेत्त्री कझगम (TVK) की गैरमौजूदगी ने राजनीतिक गलियारों में कई सवाल खड़े कर दिए। दिलचस्प बात यह है कि तमिलनाडु में विजय सरकार को कांग्रेस सहित इंडिया ब्लॉक के कई सहयोगी दलों का समर्थन प्राप्त है, फिर भी TVK इस बैठक का हिस्सा नहीं बनी।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इसके पीछे केवल एक नहीं बल्कि कई रणनीतिक और राजनीतिक कारण हैं। आइए समझते हैं वे पांच प्रमुख वजहें, जिनके कारण TVK ने इंडिया ब्लॉक की बैठक से दूरी बनाए रखी।

India Bloc Meeting: संसदीय राजनीति से फिलहाल दूर है TVK

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इंडिया ब्लॉक की सोमवार की बैठक का मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार की नीतियों, संसद में विपक्ष की रणनीति और राष्ट्रीय मुद्दों पर साझा रुख तय करना था। ऐसे में TVK की अनुपस्थिति को कई जानकार स्वाभाविक मान रहे हैं।

दरअसल, TVK के पास वर्तमान में लोकसभा या राज्यसभा में कोई सांसद नहीं है। पार्टी की राजनीतिक ताकत फिलहाल तमिलनाडु विधानसभा तक सीमित है। ऐसे में संसदीय रणनीति से जुड़ी बैठक में उसकी भूमिका सीमित मानी जा रही है। यही कारण है कि राष्ट्रीय स्तर के इस मंच पर TVK की मौजूदगी को प्राथमिकता नहीं दी गई।

India Bloc Meeting: TVK अभी औपचारिक रूप से इंडिया ब्लॉक का हिस्सा नहीं

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हालांकि तमिलनाडु में कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल विजय सरकार को समर्थन दे रहे हैं, लेकिन TVK अभी तक औपचारिक रूप से इंडिया ब्लॉक में शामिल नहीं हुई है।

विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में त्रिशंकु स्थिति बनने के कारण कांग्रेस, सीपीएम, सीपीआई और कुछ अन्य दलों ने TVK को समर्थन देकर सरकार गठन में मदद की थी। लेकिन यह समर्थन राज्य की राजनीतिक परिस्थितियों के तहत दिया गया था, न कि राष्ट्रीय स्तर पर किसी औपचारिक गठबंधन के आधार पर।

यही वजह है कि इंडिया ब्लॉक की बैठकों में TVK की भागीदारी अभी तय नहीं मानी जा रही है।

India Bloc Meeting: DMK को नाराज नहीं करना चाहती कांग्रेस

तमिलनाडु की राजनीति में सबसे बड़ा समीकरण DMK और TVK के बीच का है। DMK लंबे समय से इंडिया ब्लॉक की प्रमुख सहयोगी और संस्थापक दलों में शामिल रही है।

राजनीतिक सूत्रों के अनुसार कांग्रेस के TVK के साथ जाने से DMK पहले ही असहज महसूस कर रही है। माना जा रहा है कि DMK नेतृत्व ने इस नए राजनीतिक समीकरण पर अपनी नाराजगी भी जताई है।

ऐसे में यदि TVK को इंडिया ब्लॉक की इस अहम बैठक में शामिल किया जाता, तो DMK की नाराजगी और बढ़ सकती थी। विपक्षी एकता बनाए रखने के लिए कांग्रेस और अन्य दल फिलहाल किसी नए विवाद से बचना चाहते हैं। इसलिए भी TVK को बैठक से दूर रखा गया माना जा रहा है।

 विजय अपनी स्वतंत्र राजनीतिक पहचान बनाए रखना चाहते हैं

TVK की सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत उसकी स्वतंत्र पहचान है। विधानसभा चुनाव में विजय की पार्टी ने कांग्रेस, DMK और अन्य पारंपरिक दलों के खिलाफ चुनाव लड़कर खुद को एक नए विकल्प के रूप में स्थापित किया था।

हालांकि सरकार बनाने के लिए बाद में कांग्रेस और अन्य दलों का समर्थन लेना पड़ा, लेकिन TVK अभी भी खुद को किसी राष्ट्रीय गठबंधन का स्थायी हिस्सा नहीं दिखाना चाहती।

विश्लेषकों का मानना है कि यदि विजय इस समय इंडिया ब्लॉक में पूरी तरह शामिल हो जाते हैं, तो भविष्य में उनकी राजनीतिक स्वतंत्रता सीमित हो सकती है। राष्ट्रीय राजनीति में किसी एक खेमे से जुड़ने के बजाय वह फिलहाल मुद्दों के आधार पर समर्थन या विरोध की रणनीति अपनाना चाहते हैं।

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 तमिलनाडु की राजनीति में गलत संदेश जाने का खतरा

TVK और DMK तमिलनाडु की राजनीति में सीधे प्रतिद्वंद्वी हैं। विजय का राजनीतिक उदय ही DMK के विकल्प के रूप में हुआ है।

ऐसे में यदि विजय राष्ट्रीय स्तर पर उसी गठबंधन का हिस्सा बनते दिखाई देते हैं, जिसमें DMK पहले से मौजूद है, तो उनके समर्थकों और वोटरों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है।

राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि विजय अपनी पार्टी को द्रविड़ राजनीति के नए विकल्प के रूप में प्रस्तुत कर रहे हैं। इसलिए वह ऐसी किसी भी तस्वीर या राजनीतिक संदेश से बचना चाहेंगे, जिसमें उन्हें DMK के साथ एक ही मंच साझा करते हुए देखा जाए। भविष्य में DMK का रुख क्या रहता है, इस पर भी TVK की रणनीति काफी हद तक निर्भर करेगी।

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