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भारत के स्कूलों में जल्द पढ़ाई जाएगी Sex Education :भारत के स्कूलों में जल्द पढ़ाई जाएगी Sex Education, सुप्रीम कोर्ट में केंद्र का बड़ा ऐलान

भारत के स्कूलों में जल्द पढ़ाई जाएगी Sex Education, सुप्रीम कोर्ट में केंद्र का बड़ा ऐलान
भारत के स्कूलों में जल्द पढ़ाई जाएगी Sex Education :

भारत के स्कूलों में जल्द पढ़ाई जाएगी Sex Education :

भारत के स्कूलों में जल्द पढ़ाई जाएगी Sex Education :  भारत के स्कूलों में जल्द शुरू होगी Comprehensive Sex Education, केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को दी बड़ी जानकारी

शिक्षा व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव की तैयारी

भारत में स्कूल शिक्षा को लेकर एक बड़ा बदलाव सामने आया है। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि देशभर के स्कूलों और कॉलेजों में जल्द Comprehensive Sex Education (व्यापक यौन शिक्षा) शुरू करने की तैयारी की जा रही है। सरकार ने विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों को स्वीकार कर लिया है और अदालत की मंजूरी के बाद इसे लागू किया जाएगा।

भारत के स्कूलों में जल्द पढ़ाई जाएगी Sex Education :  सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार ने क्या कहा?

भारत के स्कूलों में जल्द पढ़ाई जाएगी Sex Education :


भारत के स्कूलों में जल्द पढ़ाई जाएगी Sex Education :

सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस आर. महादेवन की बेंच के समक्ष अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने बताया कि सरकार 26 सदस्यीय राष्ट्रीय विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट से सहमत है। इस रिपोर्ट में स्कूलों और कॉलेजों में व्यापक यौन शिक्षा को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने की सिफारिश की गई है।

भारत के स्कूलों में जल्द पढ़ाई जाएगी Sex Education : क्यों जरूरी मानी गई Comprehensive Sex Education?

विशेषज्ञ समिति का मानना है कि बच्चों और किशोरों को उनकी उम्र के अनुसार सही और वैज्ञानिक जानकारी देना बेहद आवश्यक है। इससे वे अपने शरीर, स्वास्थ्य, सुरक्षा, रिश्तों और व्यक्तिगत सीमाओं को बेहतर तरीके से समझ सकेंगे।

इस शिक्षा का उद्देश्य केवल यौन संबंधों की जानकारी देना नहीं, बल्कि बच्चों को सुरक्षित और जिम्मेदार बनाना भी है।

भारत के स्कूलों में जल्द पढ़ाई जाएगी Sex Education :  शुरुआती कक्षाओं से क्या पढ़ाया जाएगा?

समिति की रिपोर्ट के अनुसार प्रारंभिक कक्षाओं से ही बच्चों को निम्न विषयों की जानकारी दी जा सकती है—

  • शरीर के अंगों की जानकारी
  • व्यक्तिगत स्वच्छता
  • सुरक्षित और असुरक्षित स्पर्श
  • आत्म-सुरक्षा
  • अच्छे और बुरे व्यवहार की पहचान
  • सहायता कैसे लें

भारत के स्कूलों में जल्द पढ़ाई जाएगी Sex Education :  किशोरों के लिए क्या होगा सिलेबस?

भारत के स्कूलों में जल्द पढ़ाई जाएगी Sex Education :


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उच्च कक्षाओं और कॉलेज स्तर पर छात्रों को उम्र के अनुसार विषय पढ़ाए जा सकते हैं, जिनमें शामिल होंगे—

  • शारीरिक और मानसिक विकास
  • किशोरावस्था में बदलाव
  • सम्मानजनक संबंध
  • सहमति (Consent) का महत्व
  • ऑनलाइन सुरक्षा
  • यौन शोषण से बचाव
  • लैंगिक समानता
  • प्रजनन स्वास्थ्य

NCERT तैयार करेगा नया पाठ्यक्रम

समिति ने सिफारिश की है कि NCERT राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के अनुरूप नया पाठ्यक्रम तैयार करे। इसमें जीवन कौशल, आलोचनात्मक सोच और बच्चों के समग्र विकास पर विशेष जोर दिया जाएगा।

भारत के स्कूलों में जल्द पढ़ाई जाएगी Sex Education :  POCSO कानून से भी जुड़ा है मामला

यह पूरा मामला POCSO Act के तहत नाबालिगों से जुड़े मामलों की सुनवाई के दौरान सामने आया। सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से ऐसे उपाय सुझाने को कहा था जिससे किशोरों के आपसी सहमति वाले संबंधों और यौन शोषण के मामलों के बीच स्पष्ट अंतर समझा जा सके।

विशेषज्ञ समिति में कौन-कौन शामिल थे?

26 सदस्यीय समिति में शामिल थे—

  • महिला एवं बाल विकास मंत्रालय
  • TISS के विशेषज्ञ
  • क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट
  • NCERT
  • NCPCR
  • विभिन्न राज्य सरकारों के प्रतिनिधि
  • कानूनी विशेषज्ञ
  • शिक्षा विशेषज्ञ

भारत के स्कूलों में जल्द पढ़ाई जाएगी Sex Education :  माता-पिता और शिक्षकों की भी होगी भूमिका

रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि केवल बच्चों को पढ़ाना ही पर्याप्त नहीं होगा। माता-पिता, अभिभावकों और शिक्षकों के लिए भी नियमित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं ताकि वे बच्चों का सही मार्गदर्शन कर सकें।

सप्ताह में दो बार होगी विशेष कक्षाएं

विशेषज्ञ समिति ने सुझाव दिया है कि स्कूलों में सप्ताह में कम से कम दो बार 15 से 20 मिनट की विशेष कक्षाएं आयोजित की जाएं। इसके लिए प्रशिक्षित विशेषज्ञ शिक्षकों की नियुक्ति भी की जाए।

भारत के स्कूलों में जल्द पढ़ाई जाएगी Sex Education :  भारत भी कई विकसित देशों की राह पर

यदि यह प्रस्ताव लागू होता है तो भारत भी अमेरिका, जर्मनी, फ्रांस, ब्रिटेन, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों की तरह वैज्ञानिक और आयु-उपयुक्त यौन शिक्षा को औपचारिक शिक्षा प्रणाली का हिस्सा बना देगा।

केंद्र सरकार का यह कदम भारत की शिक्षा व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है। यदि सुप्रीम कोर्ट से मंजूरी मिलती है, तो आने वाले समय में देशभर के स्कूलों और कॉलेजों में Comprehensive Sex Education लागू की जा सकती है। इसका उद्देश्य बच्चों और किशोरों को सुरक्षित, जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनाना है।

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