लाड़ली बहना योजना की 39वीं किस्त से पहले बड़ा झटका: लाड़ली बहना योजना की 39वीं किस्त से पहले बड़ा अपडेट, 7 लाख महिलाओं के नाम क्यों हटे? जानें पूरी वजह

लाड़ली बहना योजना की 39वीं किस्त से पहले बड़ा झटका:
Ladli Behna Yojana 39th Kist: मध्य प्रदेश की मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की 39वीं किस्त को लेकर लाखों महिलाओं की नजर बनी हुई है। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक योजना के लाभार्थियों की संख्या अब करीब 1.25 करोड़ रह गई है। वहीं, पिछले वर्षों में पात्रता की जांच, उम्र सीमा, मृत्यु, स्वयं लाभ छोड़ने और आधार-समग्र जैसी तकनीकी समस्याओं के कारण बड़ी संख्या में नाम लाभार्थी सूची से बाहर हुए हैं।
मध्य प्रदेश सरकार की इस प्रमुख महिला कल्याण योजना के तहत वर्तमान में पात्र महिलाओं को ₹1,500 प्रतिमाह की आर्थिक सहायता दी जाती है। आधिकारिक पोर्टल के मुताबिक राशि महिला के अपने आधार-लिंक और DBT-सक्रिय बैंक खाते में भेजी जाती है।
लाड़ली बहना योजना की 39वीं किस्त से पहले बड़ा झटका:39वीं किस्त से पहले क्यों चर्चा में है लाड़ली बहना योजना?
लाड़ली बहना योजना जून 2023 में शुरू की गई थी। योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना, उनके स्वास्थ्य और पोषण स्तर में सुधार करना तथा परिवार के फैसलों में उनकी भूमिका को मजबूत करना है। आधिकारिक योजना पोर्टल पर भी इन्हीं उद्देश्यों का उल्लेख किया गया है। (Chief Minister Ladli Bahna Scheme)
शुरुआत में योजना के तहत महिलाओं को ₹1,000 प्रतिमाह दिए जाते थे। बाद में राशि बढ़ाकर ₹1,250 और फिर ₹1,500 प्रतिमाह की गई। 2026 के मध्य प्रदेश बजट में भी योजना के लिए ₹23,882 करोड़ का प्रावधान और करीब 1.25 करोड़ लाभार्थियों का उल्लेख किया गया था।
अब 39वीं किस्त को लेकर ताजा रिपोर्टों में करीब 1.25 करोड़ महिलाओं को ₹1,500 की राशि मिलने की बात सामने आई है।
लाड़ली बहना योजना की 39वीं किस्त से पहले बड़ा झटका:7 लाख महिलाओं के नाम हटने की क्या वजह है?

लाड़ली बहना योजना की 39वीं किस्त से पहले बड़ा झटका:
यह समझना जरूरी है कि सभी 7 लाख महिलाओं के नाम एक ही कारण से नहीं हटे हैं। लाभार्थियों की संख्या में कमी अलग-अलग पात्रता और सत्यापन कारणों से हुई है।
इनमें उम्र सीमा पूरी होना, लाभार्थी की मृत्यु, स्वयं योजना का लाभ छोड़ना, अपात्र पाए जाना और आधार-समग्र या दूसरे डेटा में विसंगतियां शामिल हो सकती हैं। ताजा रिपोर्ट में इंदौर जिले का उदाहरण देते हुए बताया गया है कि वहां भी हजारों महिलाओं के नाम अलग-अलग कारणों से सूची से बाहर हुए हैं।
इसलिए अगर किसी महिला का नाम सूची से हट गया है तो उसे सबसे पहले अपना लाभार्थी स्टेटस, आधार लिंकिंग, DBT और पात्रता जांचनी चाहिए।
इंदौर में 14 हजार से ज्यादा महिलाएं हुईं बाहर
रिपोर्ट के अनुसार इंदौर में योजना की शुरुआत के समय 4.57 लाख से ज्यादा महिलाओं ने आवेदन किया था। अब करीब 4.38 लाख महिलाओं को नियमित रूप से राशि मिलने की जानकारी सामने आई है।
रिपोर्ट में नाम हटने के अलग-अलग कारणों में 60 वर्ष की आयु पूरी करना, जांच में अपात्र पाया जाना, महिला द्वारा स्वयं लाभ छोड़ना, मृत्यु और डेटा संबंधी समस्याएं शामिल हैं।
इससे साफ है कि लाभार्थी सूची समय-समय पर सत्यापन के बाद बदल सकती है।
कौन महिलाएं लाड़ली बहना योजना के लिए पात्र हैं?
मध्य प्रदेश सरकार के आधिकारिक पोर्टल के अनुसार योजना में पात्रता के लिए महिला का मध्य प्रदेश की स्थानीय निवासी होना और विवाहित होना जरूरी है। विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्ता महिलाएं भी पात्रता के दायरे में आती हैं। वर्तमान पोर्टल पर पात्र आयु 21 वर्ष से अधिक और 60 वर्ष से कम बताई गई है। (Chief Minister Ladli Bahna Scheme)
इसके साथ ही महिला का अपना बैंक खाता होना जरूरी है। संयुक्त बैंक खाता मान्य नहीं है। खाते में आधार लिंक और DBT सक्रिय होना भी आवश्यक है।
किन महिलाओं को योजना का लाभ नहीं मिलता?
आधिकारिक पोर्टल पर कई अपात्रता की शर्तें दी गई हैं। इनमें परिवार की घोषित वार्षिक आय ₹2.5 लाख से अधिक होना, परिवार के किसी सदस्य का आयकरदाता होना और कुछ सरकारी नौकरी या पेंशन से संबंधित स्थितियां शामिल हैं।
इसके अलावा कुछ अन्य परिस्थितियों में भी महिला अपात्र हो सकती है, जैसे परिवार के पास निर्धारित सीमा से अधिक कृषि भूमि होना या परिवार के सदस्य के नाम पर ट्रैक्टर को छोड़कर चार पहिया वाहन का पंजीकृत होना। वर्तमान आधिकारिक पात्रता/अपात्रता नियमों को आवेदन या स्टेटस जांचने से पहले देखना जरूरी है।
दूसरी सरकारी योजना से पैसा मिलने पर क्या होगा?
लाड़ली बहना योजना के नियमों में यह भी प्रावधान है कि यदि महिला स्वयं केंद्र या राज्य सरकार की किसी योजना के तहत निर्धारित सीमा से अधिक मासिक राशि प्राप्त कर रही है, तो वह अपात्रता की श्रेणी में आ सकती है। आधिकारिक पोर्टल पर इस संबंध में स्पष्ट शर्त दी गई है।
यही वजह है कि किसी महिला को दूसरी सरकारी योजना का लाभ मिलने की स्थिति में उसकी पात्रता की दोबारा जांच हो सकती है।
आधार, DBT और बैंक खाता क्यों जरूरी?
लाड़ली बहना योजना की राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है। इसलिए बैंक खाते में आधार लिंक होना और DBT सक्रिय होना बेहद महत्वपूर्ण है।
आधिकारिक पोर्टल के अनुसार महिला का स्वयं का बैंक खाता होना चाहिए। संयुक्त खाता मान्य नहीं है।
अगर किस्त आने में समस्या हो रही है तो महिला को सबसे पहले अपना बैंक खाता, आधार लिंकिंग और DBT स्टेटस जांचना चाहिए।
क्या नए आवेदन अभी किए जा सकते हैं?
योजना के आवेदन और पंजीयन से संबंधित प्रक्रिया सरकार के निर्देशों के अनुसार संचालित होती है। आधिकारिक पोर्टल पर आवेदन प्रक्रिया में ग्राम पंचायत, वार्ड कार्यालय और कैंप स्थल के माध्यम से आवेदन प्रविष्टि की व्यवस्था का उल्लेख है।
इसलिए नए आवेदन को लेकर किसी अनधिकृत वेबसाइट या सोशल मीडिया पोस्ट पर भरोसा करने के बजाय आधिकारिक लाड़ली बहना पोर्टल पर उपलब्ध सूचना देखना बेहतर है।
लाभार्थी अपना नाम कैसे जांचें?
लाभार्थी अपना स्टेटस और संबंधित जानकारी आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से देख सकती हैं। पोर्टल पर आवेदन की स्थिति, अंतिम सूची, आधार/DBT स्थिति और आपत्ति दर्ज करने जैसे विकल्प उपलब्ध हैं।
अगर नाम सूची में नहीं दिख रहा है, तो महिला को घबराने के बजाय पहले यह जांचना चाहिए कि बैंक खाता आधार से जुड़ा है या नहीं, DBT सक्रिय है या नहीं और उसकी पात्रता में कोई बदलाव तो नहीं हुआ।
39वीं किस्त में कितने रुपये मिलेंगे?
वर्तमान आधिकारिक पोर्टल के अनुसार पात्र महिला को ₹1,500 प्रतिमाह की सहायता दी जाती है। (
ताजा रिपोर्टों में भी 39वीं किस्त के लिए करीब 1.25 करोड़ महिलाओं को ₹1,500-₹1,500 दिए जाने की जानकारी सामने आई है।
हालांकि किस्त की सटीक क्रेडिट तारीख के लिए लाभार्थियों को सरकार की आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना चाहिए।
सरकार करा रही है योजना का ऑडिट
लाड़ली बहना योजना के तीन साल पूरे होने के बाद मध्य प्रदेश सरकार द्वारा योजना के प्रभाव का व्यापक मूल्यांकन और ऑडिट कराए जाने की जानकारी भी सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार सरकार यह देखना चाहती है कि महिलाओं के खातों में सीधे भेजी जा रही राशि का सामाजिक और आर्थिक प्रभाव क्या रहा है।
इस तरह लाभार्थियों की संख्या में बदलाव को केवल किस्त रोकने के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। पात्रता सत्यापन और डेटा अपडेट भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है।
महिलाओं के लिए जरूरी सलाह
अगर आप लाड़ली बहना योजना की लाभार्थी हैं और 39वीं किस्त का इंतजार कर रही हैं, तो ये बातें जरूर जांच लें:
- आपका नाम लाभार्थी सूची में है या नहीं।
- बैंक खाता आपके नाम पर है या नहीं।
- बैंक खाते में आधार लिंक है या नहीं।
- DBT सक्रिय है या नहीं।
- आपकी उम्र पात्रता सीमा के अंदर है या नहीं।
- परिवार की आय और अन्य पात्रता शर्तों में कोई बदलाव तो नहीं हुआ।
- आपको किसी दूसरी सरकारी योजना से मिलने वाली राशि के कारण अपात्र तो नहीं किया गया है।
लाड़ली बहना योजना की 39वीं किस्त से पहले लाभार्थियों की संख्या में कमी ने लाखों महिलाओं की चिंता बढ़ा दी है। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक अब करीब 1.25 करोड़ महिलाएं योजना का लाभ ले रही हैं, जबकि पहले लाभार्थियों की संख्या इससे अधिक थी। नाम हटने के पीछे उम्र सीमा, मृत्यु, स्वयं लाभ छोड़ना, अपात्रता और तकनीकी डेटा संबंधी कारण बताए गए हैं।
महिलाओं को किसी वायरल मैसेज या अनधिकृत वेबसाइट के आधार पर निष्कर्ष निकालने के बजाय आधिकारिक लाड़ली बहना पोर्टल पर अपना स्टेटस और पात्रता जांचनी चाहिए। वर्तमान आधिकारिक जानकारी के अनुसार पात्र लाभार्थियों को ₹1,500 प्रतिमाह DBT के माध्यम से दिया जाता है।
डिस्क्लेमर: लाभार्थियों की संख्या और 39वीं किस्त से संबंधित जानकारी समय के साथ अपडेट हो सकती है। अंतिम स्थिति के लिए मध्य प्रदेश सरकार के आधिकारिक लाड़ली बहना पोर्टल और आधिकारिक घोषणाओं को प्राथमिकता दें।















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