नगर निगम उड़नदस्ता टीम पर दोहरी नीति अपनाने के आरोप लग रहे हैं। शहर के अमहिया, घोड़ा चौराहा, जयस्तंभ और नगर निगम रोड क्षेत्रों में जहां बड़े व्यापारी खुलेआम सड़कों पर दुकानें लगाकर अतिक्रमण कर रहे हैं, वहीं गरीब और छोटे ठेले-पटरी व्यापारी निगम की कार्रवाई का शिकार बन रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि निगम टीम सड़कों से बाहर पटरी पर दुकान लगाने वाले छोटे व्यापारियों का सामान जबरन गाड़ियों में भरकर ले जाती है, जबकि बड़े दुकानदारों को कोई कुछ नहीं कहता। राहगीरों ने इसे गरीबों के साथ अन्याय बताते हुए कहा कि बाहर से आने वाले व्यापारी भी रीवा की अर्थव्यवस्था से जुड़े हैं, उनके साथ ऐसा व्यवहार करना शहर की बदनामी का कारण बनेगा।
लोगों ने सवाल उठाया है कि नगर निगम को आखिर किसने अधिकार दिया कि गरीबों का मेहनत से कमाया सामान जब्त कर लिया जाए। शहरवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि कार्रवाई निष्पक्ष हो — चाहे बड़ा व्यापारी हो या छोटा, नियम सब पर समान रूप से लागू किए जाएं।














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