रीवा सहित पूरे विंध्य क्षेत्र के युवाओं के लिए दीमक साबित हो रहे नशीले कफ सिरप के खिलाफ अब पुलिस ने महाअभियान शुरू कर दिया है। यह कोई जागरूकता अभियान नहीं, बल्कि नशा माफियाओं, तस्करों, कारोबारियों और उनके संरक्षकों पर सीधी कानूनी कार्यवाही का अभियान होगा।
रीवा ज़ोन के आईजी गौरव राजपूत ने आज से ऑपरेशन प्रहार 2.0 की औपचारिक शुरुआत की। इस अभियान के तहत अब न सिर्फ गिरफ्तारियाँ होंगी, बल्कि नशा कारोबार से जुड़ी संपत्तियाँ भी ज़ब्त की जाएंगी।
अभियान शुरू करने से पहले आईजी गौरव राजपूत ने आज रीवा के कृष्णा राजकपूर ऑडिटोरियम में पूरे जोन के पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की विशेष बैठक ली। बैठक में उन्होंने वन-टू-वन चर्चा कर प्रत्येक अधिकारी को उनके दायित्वों की जानकारी दी और नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी किए।
प्रहार 2.0 में हमारा प्रयास और परिश्रम नशीली कफ सिरप के विनाश की दिशा में अग्रसर होगा। प्रहार 1 में हमने बहुत कुछ सीखा, लेकिन अब प्रहार 2 में हम प्रयास के साथ परिश्रम और तंत्र को भी जोड़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी चुनौती पड़ोसी राज्यों से आने वाली नशे की खेप है, जिसके संबंध में शासन स्तर पर भी जानकारी दी गई है।
अब माफियाओं की संपत्ति भी होगी ज़ब्त
आईजी ने स्पष्ट किया कि पहले जहां कार्यवाही विक्रेताओं, क्रेताओं और संरक्षकों तक सीमित थी, वहीं अब पर्दे के पीछे छिपे माफियाओं पर भी कार्रवाई होगी। उनकी काली कमाई से अर्जित संपत्ति को भी जब्त किया जाएगा।
अभियान का उद्देश्य
ऑपरेशन प्रहार 2.0 का मुख्य लक्ष्य विंध्य क्षेत्र में कोरेक्स और अन्य नशीले पदार्थों का आवागमन पूरी तरह रोकना है। इसके लिए पुलिस रोज़ाना कार्यवाही करेगी।
आगे कहा अब हम सिर्फ रक्षक नहीं, बल्कि ‘एंटी कोरेक्स कैंपेन’ के संरक्षक हैं। यह अभियान युवाओं के भविष्य, समाज के उत्थान और आत्मसम्मान के लिए समर्पित है।















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