इन 15 जिलों में कांग्रेस अध्यक्षों का जमकर विरोध, इस वजह से नाराज हैं कार्यकर्ता :प्रदेश कांग्रेस के 71 संगठनात्मक जिलों में रविवार को हुई नए अध्यक्षों की नियुक्ति दिल्ली नेतृत्व द्वारा प्रदेश में अब तक का सबसे बड़ा रिफॉर्म माना जा रहा है। लेकिन इस बीच विरोध के सुर भी प्रखर हो गए हैं। गुना, रीवा, सतना, इंदौर, उज्जैन, भिंड, अशोकनगर, दतिया, मंदसौर, अनूपपुर, मुरैना, बुरहानपुर, डिंडोरी, देवास जैसे 15 जिलों में रविवार को नए अध्यक्षों का जमकर विरोध हुआ। इंदौर जैसे कुछ जिलों में प्रदेश नेतृत्व के खिलाफ सोशल मीडिया में विरोध देखने को मिला तो मीनाक्षी नटराजन के करीबी कहे जाने वाले उमरिया व मंदसौर अध्यक्षों के नामों पर भी आपत्तियां आईं है। अब प्रदेश कांग्रेस सोमवार को इन मामलों का रिव्यू कर रिपोर्ट दिल्ली भेजेगी। जयवर्धन सिंह, ओमकार सिंह मरकाम और प्रियव्रत सिंह जैसे बड़े नेता केवल अपनी विधानसभा तक ही सीमित थे। अब जिले से भी बेहतर परिणाम दिखाने होंगे।
मौजूदा व पूर्व विधायकों को जिम्मेदारी देकर केंद्रीय नेतृत्व ने संदेश दिया है कि बड़े लोगों को भी जमीन पर काम दिखाना होगा।
जो अध्यक्ष बने वे किसी न किसी नेताओं से जुड़े हैं। लेकिन प्रदेश व केंद्रीय नेतृत्व ने गुटबाजी तोड़ने का साहस दिखाया है। रीवा में कांग्रेस के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता अशफाक अहमद ने मुस्लिम समाज की उपेक्षा का आरोप लगाकर पार्टी से इस्तीफा दे दिया। सतना में कांग्रेस के जिला सचिव अभिनव सिंह ने पद छोड़ा। बुरहानपुर में मीडिया विभाग के अध्यक्ष ने इस्तीफे की पेशकश की।
15 जिलों में कांग्रेस अध्यक्षों का जमकर विरोध














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