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रीवा में SIR फॉर्म के बहाने साइबर ठग सक्रिय, पुलिस ने दिए सुरक्षा के 5 अहम नियम

रीवा में SIR फॉर्म के बहाने साइबर ठग सक्रिय, पुलिस ने दिए सुरक्षा के 5 अहम नियम

SIR फॉर्म के नाम पर हो रही धोखाधड़ी से सावधान रहें। रीवा पुलिस की नागरिकों से अपील

भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान साइबर ठग सक्रिय हो गए हैं। रीवा पुलिस ने नागरिकों को सतर्क करते हुए बताया कि मतदाता सूची के SIR फॉर्म के नाम पर धोखाधड़ी की घटनाएँ बढ़ रही हैं। पुलिस ने जनहित में चेतावनी जारी करते हुए बताया कि साइबर अपराधी सरकारी प्रक्रिया का हवाला देकर लोगों को जाल में फँसा रहे हैं।
धोखाधड़ी के प्रमुख तरीके —

अपराधी SIR फॉर्म के नाम पर फर्जी कॉल कर OTP मांगते हैं।

SIR.apk नाम से नकली ऐप डाउनलोड करवाते हैं, जिसमें वायरस व डेटा चोरी का खतरा रहता है।

सरकारी चिन्ह, लोगो और नामों का उपयोग कर खुद को असली बताने की कोशिश करते हैं।

रीवा पुलिस की अपील — सुरक्षित कैसे रहें?

SIR फॉर्म भरते समय मोबाइल नंबर देना पूरी तरह सुरक्षित है, लेकिन OTP किसी से साझा न करें।

यदि कोई अनजान व्यक्ति कॉल कर कहे कि “आपके SIR फॉर्म के लिए एक OTP आया है, हमें बता दें,” तो तुरंत मना करें और ऑफिस या BLO से ही संपर्क करें।

यदि कॉल करने वाला दबाव बनाए या धमकी दे, तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।

कोई भी सरकारी विभाग फोन, व्हाट्सऐप, SMS या APK फाइल भेजकर OTP, बैंक या व्यक्तिगत जानकारी नहीं मांगता।

किसी भी संदिग्ध SIR.apk फाइल को डाउनलोड न करें। इससे मोबाइल के फोटो, संपर्क, मैसेज और बैंकिंग डेटा चोरी हो सकता है, साथ ही UPI और सोशल मीडिया अकाउंट्स भी हैक हो सकते हैं।शिकायत कैसे करें?
यदि आपके साथ कोई साइबर धोखाधड़ी की घटना होती है, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या वेबसाइट cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
रीवा पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि सतर्क रहें, जागरूक रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

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