संगम नगरी में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा और पूरा मेला क्षेत्र हर-हर गंगे और जय संगम के जयघोष से गूंज उठा
इस पवित्र अवसर पर त्रिवेणी संगम में सुबह 12 बजे तक करीब 1 करोड़ 50 लाख श्रद्धालुओं ने पवित्र डुबकी लगाई। श्रद्धालुओं की यह संख्या इस वर्ष के माघ मेले में अब तक की सबसे बड़ी भीड़ मानी जा रही है।
माघ मेला के छठे और प्रमुख स्नान पर्व माघी पूर्णिमा पर संगम नोज, रामघाट, अरैल घाट और अन्य प्रमुख घाटों पर तड़के सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखी गईं। कड़ाके की ठंड के बावजूद आस्था लोगों को संगम तक खींच लाई। श्रद्धालु मानते हैं कि माघी पूर्णिमा के दिन संगम में स्नान करने से सभी पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। इसी विश्वास के चलते देश के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालु प्रयागराज पहुंचे।
इस पावन अवसर पर एक महीने तक संगम तट पर रहकर साधना करने वाले कल्पवासियों ने भी आज कल्पवास पूर्ण किया
स्नान के बाद कल्पवासी अपने-अपने शिविरों से विदा होकर घरों के लिए रवाना हुए। कल्पवासियों की विदाई का दृश्य भी भावुक कर देने वाला रहा, जहां लोग संगम को नमन कर अगले वर्ष फिर लौटने का संकल्प लेते नजर आए।
माघी पूर्णिमा के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं
उन्होंने कहा कि माघ मेला भारतीय संस्कृति, आस्था और सनातन परंपरा का जीवंत प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने प्रशासन और सुरक्षा बलों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा में कोई कमी न रहे। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुव्यवस्थित स्नान का अनुभव देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
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माघी पूर्णिमा पर प्रयागराज में आस्था का महासंगम
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त्रिवेणी संगम में 1.5 करोड़ श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी
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माघ मेला के छठे प्रमुख स्नान पर्व पर रिकॉर्ड भीड़
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संगम नोज और रामघाट पर सुबह से श्रद्धालुओं का सैलाब
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कल्पवास पूरा कर कल्पवासी हुए विदा
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दी शुभकामनाएं

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में माघी पूर्णिमा के पावन अवसर पर आस्था का अद्भुत नज़ारा देखने को मिला
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रिकॉर्ड भीड़ को देखते हुए प्रशासन अलर्ट
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पुलिस, पीएसी और जल पुलिस की कड़ी तैनाती
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मेला क्षेत्र में नो-व्हीकल जोन और ट्रैफिक डायवर्जन
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प्रशासन की सुरक्षित स्नान की अपील
रिकॉर्ड भीड़ को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहा। मेला क्षेत्र में भारी संख्या में पुलिस बल, पीएसी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और जल पुलिस को तैनात किया गया। संगम क्षेत्र और नदी में मोटरबोट के माध्यम से लगातार गश्त की जा रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। प्रवेश और निकास द्वारों पर बैरिकेडिंग की गई है और मेला क्षेत्र को नो-व्हीकल जोन घोषित किया गया है।
श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए शहर के कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया
प्रशासन की ओर से वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था की गई, ताकि मेला क्षेत्र में जाम की स्थिति न बने और श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना न करना पड़े। जगह-जगह सूचना बोर्ड, अनाउंसमेंट सिस्टम और स्वयंसेवकों की तैनाती की गई, जो श्रद्धालुओं को सही दिशा और

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में माघी पूर्णिमा के पावन अवसर पर आस्था का अद्भुत नज़ारा देखने को मिला
आवश्यक जानकारी देते नजर आए।
स्वास्थ्य विभाग भी पूरी तरह सतर्क रहा। मेला क्षेत्र में अस्थायी अस्पताल, एंबुलेंस और मेडिकल टीमों की तैनाती की गई, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके। ठंड और भीड़ को देखते हुए बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के लिए विशेष इंतजाम किए गए।













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