इंदौर और जबलपुर के बाद अब सतना के सरदार वल्लभभाई पटेल जिला अस्पताल की गहन शिशु चिकित्सा इकाई में चूहों की मौजूदगी ने हड़कंप मचा दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में चूहे मुंह में मुंगौड़ी दबाए कंप्यूटर मॉनीटर और वाई-फाई राउटर के आसपास दौड़ते नजर आ रहे हैं। इस घटना ने एसएनसीयू में भर्ती 40 से अधिक नवजात शिशुओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के मुताबिक, यह वीडियो दो दिन पहले रिकॉर्ड किया गया था, जो अब वायरल हो गया है। वीडियो सामने आते ही जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में खलबली मच गई। उल्लेखनीय है कि इससे पहले विक्टोरिया हॉस्पिटल और इंदौर के एमवाईएच अस्पताल में भी चूहों की मौजूदगी के मामले सामने आ चुके हैं, जहां कथित तौर पर चूहों के कुतरने से दो नवजातों की मौत तक हो चुकी है। एसएनसीयू में वे शिशु भर्ती रहते हैं, जो जन्म के तुरंत बाद गंभीर समस्याओं—जैसे समय से पहले जन्म, सांस लेने में कठिनाई या संक्रमण—से जूझ रहे होते हैं। चिकित्सकों का कहना है कि नवजातों की प्रतिरक्षा प्रणाली बेहद कमजोर होती है। ऐसे में चूहों से फैलने वाले बैक्टीरियल संक्रमण, लेप्टोस्पायरोसिस या रैबीज़ जैसे रोग जानलेवा साबित हो सकते हैं। अस्पताल प्रबंधन पेस्ट कंट्रोल और रैट ट्रैप लगाने के दावे करता रहा है, लेकिन वायरल वीडियो ने इन दावों की पोल खोल दी है। वीडियो में दिखी मुंगौड़ी इस ओर भी इशारा करती है कि स्टाफ द्वारा वॉर्ड/ऑफिस क्षेत्र में खाद्य सामग्री लाने से चूहे आकर्षित हो रहे हैं। अस्पताल के सहायक प्रबंधक डॉ. धीरेंद्र वर्मा ने कहा कि वॉर्डों में रैट ट्रैप केज लगाए गए हैं और समय-समय पर पेस्ट कंट्रोल कराया जाता है। एसएनसीयू में भी ट्रैप लगाए गए हैं और जल्द ही ग्लू वाले माउस ट्रैप मंगाए जाएंगे। सतना-मैहर जैसे बड़े क्षेत्र को सेवा देने वाले इस जिला अस्पताल में यदि एसएनसीयू जैसी संवेदनशील इकाई सुरक्षित नहीं है, तो यह व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस चेतावनी को कितनी गंभीरता से लेकर नवजातों की सुरक्षा सुनिश्चित करता है।
इंदौर–जबलपुर के बाद अब सतना: एसएनसीयू में चूहों की मौजूदगी, 40 से ज्यादा नवजातों की सुरक्षा पर सवाल















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