मऊगंज प्रशासन में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों को लेकर जिले का माहौल गरमा गया है। कलेक्टर के निज सहायक पर लगे आरोपों के बीच, कथित रूप से भ्रष्टाचार को संरक्षण देने वाले जिले के बड़े नेताओं और कुछ समाजसेवी संगठनों की सक्रियता पर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं। इसी के विरोध में जिले के दो बुजुर्ग समाजसेवी मुंद्रिका प्रसाद विश्वमित्र और रामेश्वर प्रसाद गुप्ता, अगस्त क्रांति मंच के संयोजक कुंजबिहारी तिवारी सहित लालमणि त्रिपाठी, विपिन सिंह, सरस्वती पाण्डेय, वेदांती शुक्ला और कवि विवेक तिवारी ने जोरदार आंदोलन छेड़ दिया। आंदोलनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ खुलकर हुंकार भरी, जिससे कलेक्ट्रेट परिसर में हड़कंप मच गया। प्रदर्शन इतना तीव्र रहा कि कलेक्ट्रेट की दीवारें भी गूंज उठीं। आंदोलन के बाद प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए निषेधाज्ञा के उल्लंघन का हवाला दिया। एसडीएम के निर्देश पर सभी आंदोलनकारियों को गिरफ्तार कर मऊगंज तहसील में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। प्रशासन का कहना है कि एक दिन पहले ही निषेधाज्ञा के उल्लंघन, शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने समेत कई अन्य धाराओं में तीन नामजद और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया जा चुका था।
“मऊगंज में भ्रष्टाचार आरोपों पर उबाल, आंदोलनकारियों की गिरफ्तारी के बाद भेजे गए जेल”















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