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रीवा में मासूम की मौत के बाद बवाल, प्रशासन पर उठे सवाल

रीवा में मासूम की मौत के बाद बवाल, प्रशासन पर उठे सवाल

रीवा में मासूम की मौत के बाद हंगामा: प्रशासनिक कार्रवाई पर उठे गंभीर सवाल

रीवा जिले के बिछिया थाना क्षेत्र से एक बेहद संवेदनशील और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने प्रशासन की कार्यप्रणाली और मानवीय संवेदनाओं पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दो महीने पहले की गई प्रशासनिक कार्रवाई के बाद( बेघर हुए) एक परिवार की डेढ़ वर्षीय (मासूम बच्ची की मौत )हो गई, जिसके बाद परिजन न्याय की मांग को लेकर सड़क पर उतर आए हैं।

घर गिरने के बाद खुले आसमान के नीचे जीवन

जानकारी के अनुसार बिछिया थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत इलाके में रहने वाले सेन परिवार का घर करीब दो महीने पहले प्रशासन द्वारा गिरा दिया गया था। परिवार का आरोप है कि कार्रवाई के बाद उन्हें रहने के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं दी गई, जिसके कारण वे खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए।

परिजनों का कहना है कि सर्द मौसम और खराब परिस्थितियों में परिवार बेहद मुश्किल हालात में जीवन गुजार रहा था। खाने-पीने और इलाज जैसी बुनियादी जरूरतें भी पूरी करना कठिन हो गया था।

तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती

इन्हीं हालात के बीच परिवार की डेढ़ वर्षीय बच्ची अन्नपूर्णा की तबीयत अचानक बिगड़ गई। हालत गंभीर होने पर उसे इलाज के लिए एम्स भोपाल में भर्ती कराया गया।

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डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा था, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद बच्ची को बचाया नहीं जा सका और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मासूम की मौत की खबर से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

शव लेकर आईजी ऑफिस पहुंचे परिजन

बच्ची की मौत के बाद परिजन उसका शव लेकर रीवा पहुंचे और आईजी ऑफिस रीवा के बाहर प्रदर्शन किया। परिवार ने प्रशासन और कुछ पड़ोसियों पर गंभीर आरोप लगाए और न्याय की मांग की।

परिजनों का आरोप है कि पड़ोसी वरुण मिश्रा और अखिलेश मिश्रा के कहने पर ही उनका घर गिराया गया था। उनका कहना है कि उन्होंने पहले भी कई बार शिकायत की, लेकिन पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।

परिवार का दावा है कि यदि समय रहते उनकी बात सुनी जाती और उन्हें राहत मिलती, तो शायद उनकी बच्ची की जान बच सकती थी।

हत्या का मामला दर्ज करने की मांग

पीड़ित परिवार ने पड़ोसियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की है। उनका कहना है कि इस पूरी घटना के लिए जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

रीवा में मासूम की मौत के बाद बवाल, प्रशासन पर उठे सवाल

रीवा में मासूम की मौत के बाद बवाल, प्रशासन पर उठे सवाल

परिजनों ने चेतावनी दी है कि यदि एफआईआर दर्ज नहीं की गई, तो वे और बड़ा कदम उठाने को मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि वे बच्ची के शव को डिप्टी सीएम के आवास पर दफनाने जैसे कठोर कदम भी उठा सकते हैं।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम, शहर में तनाव

घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए आईजी ऑफिस के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी तरह की कानून-व्यवस्था की समस्या न हो।

इस मामले ने पूरे शहर में बहस छेड़ दी है। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि बेघर किए गए परिवारों के पुनर्वास की उचित व्यवस्था होना जरूरी है, ताकि ऐसी दुखद घटनाएं दोबारा न हों।

प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी निगाहें

फिलहाल इस पूरे मामले में सभी की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर है। यह देखना अहम होगा कि जांच के बाद क्या कदम उठाए जाते हैं और क्या पीड़ित परिवार को न्याय मिल पाता है या नहीं।

यह घटना न सिर्फ एक परिवार की त्रासदी है, बल्कि यह भी याद दिलाती है कि प्रशासनिक निर्णयों के साथ मानवीय संवेदनाओं और पुनर्वास की व्यवस्था को प्राथमिकता देना कितना जरूरी है।

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