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रीवा से अपनी जड़ों को याद कर भावुक हुए थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी।

रीवा से अपनी जड़ों को याद कर भावुक हुए थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी। मेडिकल कॉलेज में छात्र-छात्राओं से किया संवाद, मध्यप्रदेश स्थापना दिवस की दी शुभकामनाएं। साथ में मौजूद रहे सांसद जनार्दन मिश्रा।

Rewa रानी तालाब में स्थित मां कालिका देवी के मंदिर में नवरात्रि के अवसर पर भक्तों का सैलाबमेडिकल कॉलेज में छात्र-छात्राओं से किया संवाद, मध्यप्रदेश स्थापना दिवस की दी शुभकामनाएं। साथ में मौजूद रहे सांसद जनार्दन मिश्रा।

भारतीय सेना के थल सेना अध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी आज रीवा मेडिकल कॉलेज परिसर पहुंचे, जहां उन्होंने चिकित्सा एवं नर्सिंग छात्र-छात्राओं के साथ संवाद कर उन्हें प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा भी मौजूद रहे।

कार्यक्रम में शामिल होकर सबसे पहले जनरल द्विवेदी ने मध्य प्रदेश स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि भले ही आज वे भारतीय सेना के प्रमुख हैं, लेकिन सबसे पहले वे रीवा की पवित्र धरती के सपूत हैं।
उन्होंने कहा मैं जो भी हूं, वह इसी माटी की देन है। मेरा सफर रीवा के मढ़ी गांव से शुरू हुआ था। यहां की भूमि, यहां के लोग, यहां की शिक्षा सबने मुझे गढ़ा है।

जनरल द्विवेदी ने भावुक होते हुए बताया कि उनका सफेद कोट से संबंध 1972 से रहा है, जब उनके बड़े भाई रीवा मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई करते थे और वे उनके साथ हॉस्टल में रहते हुए सैनिक स्कूल में प्रवेश की तैयारी किया करते थे। बोले मैं पड़ता नहीं था लेकिन मुझे सब यही कहते थे पढ़ लो कुछ कर लो और पता नहीं चला मेरा सिलेक्शन हो गया पढ़ाई किया और आज जो भी हूं आप के सामने हूं।

इस दौरान उन्होंने कॉलेज से जुड़ी कई यादें साझा कीं और छात्रों को कड़ी मेहनत और अनुशासन को जीवन में उतारने की प्रेरणा दी।

समारोह में मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने थल सेना प्रमुख का सम्मान किया, वहीं छात्रों ने उनके अनुभवों और जीवन यात्रा से प्रेरणा ली।

रीवा ने एक बार फिर गौरव महसूस किया अपने सपूत को देश की सेना का सर्वोच्च नेतृत्व करते देख।

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