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सीधी में मुख्यमंत्री कार्यक्रम के दौरान बैगा आदिवासी युवती की गुहार, डॉक्टर बनने का सपना अधूरा

सीधी में मुख्यमंत्री कार्यक्रम के दौरान बैगा आदिवासी युवती अनामिका बैगा की भावुक गुहार सामने आई, डॉक्टर बनने का सपना लिए प्रशासनिक दरवाज़ों से निराश होकर अब सरकार से उम्मीद लगाए बैठी है।

सीधी में मुख्यमंत्री कार्यक्रम के दौरान बैगा आदिवासी युवती की गुहार, डॉक्टर बनने का सपना अधूरा

सीधी जिले में आयोजित मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कार्यक्रम के दौरान एक हृदय विदारक दृश्य देखने को मिला, जब बैगा आदिवासी समाज से आने वाली मेधावी छात्रा अनामिका बैगा रोते हुए अपनी पढ़ाई की फरियाद लेकर कार्यक्रम स्थल तक पहुंच गई। उसका एक ही सपना है — डॉक्टर बनकर अपने समाज और गरीब आदिवासी परिवारों की सेवा करना, लेकिन आर्थिक तंगी उसके सपनों की सबसे बड़ी दीवार बन चुकी है।

अनामिका ने बताया कि वह बैगा जनजाति से आती है और उसका परिवार बेहद कमजोर आर्थिक स्थिति में है। पिता के पास इतने संसाधन नहीं हैं कि वह महंगी मेडिकल शिक्षा का खर्च उठा सकें। मुख्यमंत्री से मिलने की आस में वह बार-बार सुरक्षा कर्मियों से गुहार लगाती रही, लेकिन उसे कार्यक्रम में भीतर जाने की अनुमति नहीं दी गई।

“हर दरवाज़े से लौटी खाली हाथ”

अनामिका का कहना है कि उसने इससे पहले विधायक, सांसद, कलेक्टर और कई अन्य अधिकारियों से मदद की गुहार लगाई, लेकिन कहीं से भी उसे कोई ठोस सहयोग नहीं मिला। उसकी आखिरी उम्मीद मुख्यमंत्री से मिलने की थी, ताकि वह सीधे अपनी पीड़ा रख सके, परंतु वह कोशिश भी नाकाम रही।

करोड़ों की योजनाएं, पर एक बेटी की पढ़ाई पर सवाल

उसी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री द्वारा जिले के लिए सैकड़ों करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया। मंच से जनकल्याण और आदिवासी उत्थान की बड़ी-बड़ी बातें की गईं, लेकिन कार्यक्रम स्थल के बाहर खड़ी एक आदिवासी बेटी अपने भविष्य को लेकर रोती रही।

अब सवाल उठ रहा है कि जब सरकार हर महीने जनकल्याण योजनाओं पर हजारों करोड़ रुपये खर्च कर रही है, तो क्या बैगा समाज की एक होनहार बेटी के सपने को पूरा करने के लिए कुछ लाख रुपये की मदद भी नहीं मिल सकती?

समाज और शासन से उम्मीद

अनामिका बैगा आज सिर्फ अपने लिए नहीं, बल्कि उन सैकड़ों आदिवासी बेटियों की आवाज बन गई है, जो प्रतिभा होते हुए भी गरीबी के कारण अपने सपनों को दफन करने पर मजबूर हैं। लोगों को उम्मीद है कि शासन-प्रशासन इस खबर पर संज्ञान लेकर इस मेधावी छात्रा की मदद करेगा और उसके डॉक्टर बनने के सपने को टूटने नहीं देगा।

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