नए साल में एमपी के लोगों को कई नई सौगातें मिलने वाली है। 21 साल बाद सरकारी बस सेवा शुरू होने वाली है। एमपी के 25 जिलों के 6 हजार से ज्यादा रूट पर ये बसें दौड़ेंगी। इसके अलावा नए साल में राजस्थान, यूपी सहित छह राज्यों तक भी बसें चलने वाली है। इसके अलावा प्रदेश के 15 लाख सरकारी कर्मचारियों को आयुष्मान जैसी योजना का लाभमिलेगा और पेंशन के नियम भी बदलेंगे। नए साल में दो बच्चों की अनिवार्यता वाला नियम भी खत्म होने वाला है। जानिए और क्या नई सौगात मिलने वाली है।क्या है मौजूदा सिस्टम: वर्तमान में, राज्य के कर्मचारियों और पेंशनर्स को इलाज का खर्च पहले खुद उठाना पड़ता है, जिसका भुगतान सरकार बाद में केंद्रीय स्वास्थ्य योजना (CGHS) की दरों के अनुसार करती है। इस प्रणाली में अक्सर इलाज का पूरा खर्च कवर नहीं होता। उदाहरण के लिए, लिवर ट्रांसप्लांट पर लगभग 20 लाख रुपए का खर्च आता है। सरकार केवल 4 लाख रुपए की प्रतिपूर्ति करती है, वह भी कर्मचारी द्वारा बिल जमा करने के बाद। प्रस्तावित योजनाः ‘मुख्यमंत्री आयुष्मान स्वास्थ्य बीमा योजना’ के तहत प्रदेश के 15 लाख कर्मचारियों, पेंशनर्स और उनके परिवारों को कैश लेस इलाज की सुविधा मिलेगी। इस मॉडल में कर्मचारियों के वेतन से 3,000 से 12,000 रुपए तक का वार्षिक अंशदान लिया जाएगा, जबकि शेष राशि सरकार वहन करेगी। अंशदान की अंतिम राशि अभी तय होनी है। इस योजना में सामान्य बीमारियों के लिए 5 लाखऔर गंभीर बीमारियों के लिए 10 लाख रुपए तक के कैश लेस इलाज का प्रावधान है। इसके अतिरिक्त, कर्मचारी इलाज के बाद अपने विभाग से चिकित्सा रिफंड के लिए भी आवेदन कर सकेगा।
नए साल में एमपी को बड़ी सौगातें: 21 साल बाद सरकारी बस सेवा, कर्मचारियों को आयुष्मान योजना का लाभ















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