भाजपा/RSS सदस्य” नेम प्लेट भेंट कर जताया विरोध
प्रदर्शन के दौरान NSUI कार्यकर्ताओं ने प्राचार्यों को “भाजपा/RSS सदस्य” लिखा हुआ नेम प्लेट भेंट किया और उन्हें भाजपा व RSS का एजेंट बताया। इस प्रतीकात्मक विरोध के जरिए कार्यकर्ताओं ने कॉलेज प्रशासन पर राजनीतिक पक्षधरता का आरोप लगाया।
12 दिसंबर के युवा सम्मेलन को लेकर विवाद
NSUI नेताओं का कहना है कि 12 दिसंबर को RSS द्वारा आयोजित प्रस्तावित युवा सम्मेलन को लेकर विश्वविद्यालय के कुलपति, रजिस्ट्रार और शासकीय कॉलेजों के विभिन्न प्राचार्यों ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर छात्रों से सम्मेलन में शामिल होने की अपील की, जो शैक्षणिक आचार संहिता का खुला उल्लंघन है।
शिक्षा परिसरों को राजनीति से दूर रखने की मांग
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि विश्वविद्यालय और कॉलेज परिसरों को राजनीति से पूरी तरह दूर रहना चाहिए। किसी विशेष संगठन के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित करना न केवल अनुचित है, बल्कि यह शिक्षा के मूल उद्देश्यों के भी खिलाफ है।
जांच नहीं हुई तो आंदोलन होगा और तेज
NSUI ने पूरे मामले में उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि ऐसी गतिविधियां बंद नहीं हुईं तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
प्रशासन की चुप्पी
इस पूरे घटनाक्रम पर अब तक विश्वविद्यालय प्रशासन या संबंधित कॉलेज प्राचार्यों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जिससे छात्रों और आमजन में और अधिक सवाल खड़े हो रहे हैं।
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