रायपुर कर्चुलियान क्षेत्र में एमके ग्रीन सिटी द्वारा अवैध तरीके से कॉलोनी विकसित करने का मामला चर्चाओं में है। आरोप है कि कॉलोनी संचालकों ने बिना किसी अनुमति, बिना रेरा पंजीयन और बिना राजस्व विभाग की सहमति के प्लॉट काटकर बिक्री शुरू कर दी है। साथ ही अवैध रूप से रजिस्ट्री कराए जाने की बात भी सामने आई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कॉलोनी डेवलपर्स द्वारा सपनों का घर, बेहतर सुविधाएं, और विशेष इंफ्रास्ट्रक्चर दिखाकर बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन मौके पर हकीकत बिल्कुल अलग मिलती है। न तो सुविधाएं होती हैं, न ही प्रोजेक्ट वह स्वरूप धारण करता है जो सेमिनार और प्रेजेंटेशन में दिखाया जाता है। लोगों के साथ खुलेआम छल होने की स्थिति बन गई है।
एडवोकेट बीके माला ने प्रशासन से मांग की है कि जब तक कॉलोनी की विधिक अनुमति नहीं दी जाती, किसी भी प्रकार का नामांतरण या रजिस्ट्री न की जाए, ताकि आम जनता ठगी का शिकार न हो। उनका कहना है कि इस पूरे मामले में एक संगठित गैंग सक्रिय है, जो अवैध प्लाटिंग और रजिस्ट्री करवाकर लोगों को गुमराह कर रहा है।
स्थानीय लोग प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं ताकि इस तरह की अवैध कॉलोनाइजेशन पर रोक लगे और जनता के हित सुरक्षित रह सकें।















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