दतिया (मध्य प्रदेश)। दतिया जिले से प्रशासनिक सख्ती का बड़ा मामला सामने आया है। एक ग्रामीण क्षेत्र में नाली निर्माण को लेकर हुई शिकायत में पटवारी द्वारा झूठी रिपोर्ट देने का खुलासा होने पर कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े ने कड़ा कदम उठाते हुए पटवारी को निलंबित कर बर्खास्तगी की कार्रवाई शुरू कर दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्रामीणों ने कलेक्टर से शिकायत की थी कि गांव की नाली सीधी बनाई जानी थी, लेकिन एक प्रभावशाली नेता के दबाव में नाली को तिरछा किया जा रहा है, जिससे गांव की सड़क संकरी हो रही है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने तत्काल पटवारी को मौके पर जांच के लिए भेजा। आरोप है कि पटवारी मौके पर पहुंचकर नेताओं के प्रभाव में आ गया और कथित तौर पर रिश्वत लेकर कलेक्टर को गलत व भ्रामक रिपोर्ट सौंप दी। जब मामले की सच्चाई सामने आई तो कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े ने इसे गंभीर कदाचार मानते हुए पटवारी को निलंबित कर बर्खास्तगी का आदेश पारित कर दिया। प्रशासन की इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा संदेश माना जा रहा है। ग्रामीणों ने कलेक्टर की तत्परता और सख्त निर्णय की सराहना की है।
दतिया: नेताओं के दबाव में बिके पटवारी पर कलेक्टर ने कड़ा कदम, निलंबन और बर्खास्तगी की कार्रवाई















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