मध्य प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय अपने एक बयान को लेकर चौतरफा घिर गए हैं। इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों पर एक पत्रकार के सवाल पर ‘घंटा’ शब्द का इस्तेमाल करना अब उनके लिए मुसीबत बन गया है। आज मऊगंज में युवक कांग्रेस ने इस बयान के विरोध में मोर्चा खोल दिया। कार्यकर्ताओं ने न केवल मंत्री की शवयात्रा निकाली, बल्कि पुलिस के साथ तीखी झड़प के बीच कॉलेज चौराहे पर उनका पुतला भी दहन किया।
मऊगंज की सड़कों पर आज नजारा कुछ अलग था। युवक कांग्रेस के सैकड़ों कार्यकर्ता हाथों में पुतला थामे सरकार के खिलाफ हुंकार भर रहे थे। यह विरोध था प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के उस बयान के खिलाफ, जिसे अशोभनीय और अमर्यादित बताया जा रहा है।
युवक कांग्रेस जिलाध्यक्ष आशुतोष तिवारी और विपिन त्रिपाठी बिप्पू के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने मंत्री की प्रतीकात्मक शवयात्रा निकाली। कॉलेज चौराहे पर भारी पुलिस बल तैनात था, पुतले को छीनने की कोशिश हुई, घंटों खींचतान चली, लेकिन कार्यकर्ताओं के आक्रोश के आगे पुलिस बेबस नजर आई। आखिर में ‘कैलाश विजयवर्गीय मुर्दाबाद’ के नारों के बीच पुतला धू-धू कर जल उठा।
पुतला दहन के बाद प्रदर्शन यहीं नहीं रुका। कॉलेज चौराहे से चाक मोड़ तक एक विशाल रैली निकाली गई। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इंदौर में जनता जहरीला पानी पीकर मर रही है और जिम्मेदार मंत्री संवेदनहीन बयानबाजी कर रहे हैं। इस प्रदर्शन में अनिल पांडेय, मृत्युंजय चतुर्वेदी सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।














Leave a Reply