रामपुर नैकिन थाना क्षेत्र में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। आवेदक ने लिखित शिकायत में आरोप लगाया है कि पनमसा मंदिर से लौटते समय कुछ संदिग्ध युवक वहां बैठे मिले। जब उनके साथ मौजूद साथी ने पूछा कि वे वहां क्यों बैठे हैं, तो उन युवकों ने अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज शुरू कर दिया।
शिकायत के अनुसार, थोड़ी देर बाद एक युवक एक बोरी में कोरेक्स से भरी हुई शीशियां लेकर आया और पहले से मौजूद तीन लोगों को बांट दीं। इन्हीं में से एक युवक ने रामपुर नैकिन थाने में पदस्थ आरक्षक अमन भट्ट को फोन कर बुलाया। आरोप है कि आरक्षक अमन भट्ट मौके पर पहुंचकर तीनों युवकों को तो भगा दिया, लेकिन आवेदक और उसके साथियों की तलाशी लेकर उनके साथ अपशब्दों का प्रयोग करने लगा।
आवेदक का दावा है कि आरक्षक ने धमकी दी—
“भाग जाओ यहां से… हमारा सिस्टम ऊपर तक है। अगर तुम फंसे तो कोरेक्स बेचने के केस में अंदर कर दूंगा, जिंदगी बर्बाद हो जाएगी।”
इसके अलावा आरक्षक द्वारा अन्य लोगों को फोन कर लाठी-डंडे लेकर आने की बात भी कही गई। डर के कारण आवेदक और उसके साथी वहां से भाग गए।
पीड़ित ने यह भी बताया कि घटना के बाद एक अज्ञात मोबाइल नंबर जिसका नंबर 91741-21376 से उसे बार-बार धमकी भरे फोन आए, जिनमें जान से मारने तक की धमकियां दी गईं।
शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि रामपुर नैकिन क्षेत्र में कोरेक्स, नशीली गोलियों और गांजे की तस्करी बड़े पैमाने पर होती है, जिसे आरक्षक अमन भट्ट और प्रसन्न मिश्रा द्वारा संरक्षण प्राप्त है। साथ ही अवैध रेत उत्खनन का कारोबार भी इनके संरक्षण में फल-फूल रहा है।
आवेदक ने आरोप लगाया कि प्रसन्न मिश्रा का दो बार स्थानांतरण होने के बाद भी “सांठगांठ” के चलते वह पुनः रामपुर नैकिन क्षेत्र में अपनी पोस्टिंग करवा लेते हैं, जिससे स्थानीय लोगों में भय का माहौल है।
पीड़ित ने वरिष्ठ अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित आरक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।














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