जिला रीवा के लोही गांव से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां रामनाथ सेन, रामदाऊ सेन एवं बृजभान सिंह के परिवार का मकान गिराए जाने को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि इस कार्रवाई में दोषी पटवारी एवं राजस्व अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध रही, जिन्होंने कथित रूप से मदद कर मकान गिरवाया। पीड़ितों की मांग है कि मकान गिराने में शामिल दोषी पटवारी, आरआई एवं अन्य राजस्व अधिकारियों की सेवाएं तत्काल समाप्त की जाएं और उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाए। इसके साथ ही आरोप लगाया गया है कि वरुण मिश्रा एवं सबलू मिश्रा ने जबरन घर गिरवाया और घर गृहस्थी का सामान, बिटिया के विवाह के लिए रखा गया दहेज का सामान एवं गहने जमीन में दबा दिए। पीड़ित परिवार ने दोनों आरोपियों पर गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। मकान गिरने के बाद सेन परिवार की स्थिति बेहद दयनीय हो गई है। परिवार के लोगों का कहना है कि उनके पास रहने के लिए कोई आश्रय नहीं बचा और वे पन्नी के नीचे जीवन यापन करने को मजबूर हैं। ऐसे में प्रशासन से मांग की गई है कि रामदाऊ सेन एवं बृजभान सेन के गिराए गए मकान के पुनर्निर्माण हेतु शीघ्र आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। पीड़ित पक्ष ने यह भी मांग रखी है कि वरुण मिश्रा द्वारा किए गए जबरन कब्जे को तुरंत हटाया जाए और जमीन की पूर्व स्थिति बहाल की जाए। साथ ही संबंधित विवादित भूमि का शीघ्र सीमांकन एवं नक्शा सुधार कर पूरे विवाद का स्थायी समाधान किया जाए। परिवार ने आरोप लगाया कि अक्सर पटवारी एवं आरआई द्वारा भू-माफियाओं से मिलीभगत कर गलत जमीन नाप की जाती है, जिससे ऐसे विवाद बार-बार सामने आते हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि गलत नाप करने वाले पटवारियों, आरआई एवं राजस्व अधिकारियों के खिलाफ लगातार सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में कब और क्या कार्रवाई करता है, या पीड़ित सेन परिवार को अभी और न्याय का इंतजार करना पड़ेगा।
रीवा के लोही गांव में मकान ढहाए जाने पर बवाल, दोषी पटवारी-राजस्व अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग















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