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अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में Disaster Management Mock Drill आयोजित

अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में Disaster Management Mock Drill आयोजित

अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में आपदा प्रबंधन को लेकर जागरूकता बढ़ाने और आपातकालीन स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों को भूकंप, आगजनी तथा अन्य संभावित आपदाओं के दौरान सुरक्षित रहने और समय रहते परिसर से बाहर निकलने की सही प्रक्रिया सिखाना था।

कार्यक्रम में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीम ने सक्रिय भूमिका निभाई। विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को बताया कि आपदा के समय घबराने के बजाय किस तरह शांत रहकर निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करना चाहिए। मॉक ड्रिल की शुरुआत सायरन बजाकर की गई, जिसके बाद अलग-अलग विभागों के छात्रों और कर्मचारियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की प्रक्रिया का अभ्यास कराया गया।

एनडीआरएफ अधिकारियों ने भूकंप की स्थिति में “ड्रॉप, कवर और होल्ड” तकनीक का प्रदर्शन किया और बताया कि मजबूत टेबल या दीवार के सहारे खुद को सुरक्षित रखना क्यों जरूरी है।

वहीं आग लगने की स्थिति में निकासी मार्ग (एवैक्यूएशन रूट) का सही उपयोग कैसे करना है, यह भी विस्तार से समझाया गया। विश्वविद्यालय परिसर में बनाए गए अस्थायी आपातकालीन ज़ोन में लोगों को एकत्रित कर उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करने का अभ्यास भी कराया गया, ताकि वास्तविक आपदा में किसी के छूट जाने की संभावना कम हो।

इस दौरान टीम ने त्वरित रेस्क्यू ऑपरेशन का लाइव डेमो भी दिया, जिसमें घायल व्यक्ति को सुरक्षित तरीके से स्ट्रेचर पर लाने और प्राथमिक उपचार देने की प्रक्रिया दिखाई गई। प्रतिभागियों को CPR (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) की व्यावहारिक ट्रेनिंग दी गई, जिससे हृदय गति रुकने जैसी स्थिति में शुरुआती मदद दी जा सके। विशेषज्ञों ने बताया कि आपदा के शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं और यदि सही प्राथमिक उपचार मिल जाए तो कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।

कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों की भी मौजूदगी रही। तेजपति सिंह ने कहा कि आपदा प्रबंधन केवल सरकारी एजेंसियों की जिम्मेदारी नहीं है,

बल्कि हर नागरिक को बुनियादी सुरक्षा उपायों की जानकारी होना जरूरी है। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा इस तरह के प्रशिक्षण आयोजित करने की सराहना की और कहा कि इससे युवाओं में जिम्मेदारी और सजगता की भावना विकसित होती है।

इसी अवसर पर यतीश शुक्ल और विश्वविद्यालय थाना प्रभारी हितेंद्र नाथ शर्मा ने भी प्रतिभागियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि किसी भी आपातकालीन स्थिति में प्रशासन और जनता के बीच तालमेल बेहद जरूरी होता है। नियमित अभ्यास से न केवल प्रतिक्रिया समय

अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में Disaster Management Mock Drill आयोजित

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कम होता है, बल्कि अफरा-तफरी की स्थिति को भी नियंत्रित किया जा सकता है।

मॉक ड्रिल के दौरान छात्रों में खासा उत्साह देखा गया।

कई छात्रों ने पहली बार CPR और रेस्क्यू तकनीक सीखने का अनुभव साझा करते हुए कहा कि यह प्रशिक्षण उनके लिए बेहद उपयोगी है और इससे उन्हें आत्मविश्वास मिला है कि वे आपदा की स्थिति में दूसरों की मदद कर सकते हैं।

  1. अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में Disaster Management Mock Drill आयोजित

  2. NDRF Team ने छात्रों को सिखाए Emergency Safety Measures

  3. Earthquake और Fire Safety पर Practical Training दी गई

  4. Campus में Rescue Operation का Live Demonstration

  5. Students को CPR और First Aid की Hands-on Training

  6. Emergency Evacuation Drill से बढ़ा Awareness

  7. प्रशासन और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) का संयुक्त अभ्यास

  8. आपदा के समय Panic नहीं, Protocol Follow करने की सलाह

  9. Mock Drill से Campus Safety System हुआ मजबूत

  10. Students और Staff ने सीखी Life-Saving Techniques

विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि भविष्य में भी इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित किए जाएंगे, ताकि परिसर को सुरक्षित और आपदा-प्रतिक्रिया के लिहाज से तैयार रखा जा सके। समापन के दौरान एनडीआरएफ टीम ने सभी प्रतिभागियों को सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करने और जागरूकता फैलाने की अपील की।

इस तरह का अभ्यास न केवल संस्थान की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करता है, बल्कि समाज में आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

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