ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग रीवा में पदस्थ प्रभारी कार्यपालन यंत्री एस.बी. रावत के खिलाफ गंभीर अनियमितताओं की पुष्टि हुई है। अधीक्षण यंत्री आरईएस मंडल रीवा अतुल चतुर्वेदी द्वारा कमिश्नर रीवा संभाग बी.एस. जामोद को भेजी गई जांच रिपोर्ट में यह तथ्य सामने आया है कि रावत की सेवा पुस्तिका से छेड़छाड़ और कूटरचना की गई है।
RTI एक्टिविस्ट शिवानंद द्विवेदी की दो अलग-अलग शिकायतों की जांच में पाया गया कि एस.बी. रावत की सेवा पुस्तिका डुप्लीकेट तैयार कराई गई, जबकि इसके आदेश की कोई प्रति उपलब्ध नहीं है। सेवा पुस्तिका के प्रथम पृष्ठ पर नाम के आगे सफेदा लगाकर ‘रावत’ सरनेम लिखा गया है, जबकि शासन के नियमों के अनुसार सरनेम परिवर्तन केवल सक्षम अधिकारी की अनुमति से ही किया जा सकता है — ऐसी कोई स्वीकृति रिकॉर्ड में नहीं मिली।
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि अनूपपुर आरईएस संभाग क्रमांक 02 में 20 जुलाई 2017 से 18 जून 2020 तक कार्यकाल के दौरान रावत ने अपनी सेवा पुस्तिका में वेतन निर्धारण, सेवा सत्यापन, वार्षिक वेतनवृद्धि आदि प्रविष्टियाँ स्वयं के हस्ताक्षर से कीं, जो शासन के नियमों का उल्लंघन है।
इसी प्रकार, कार्यपालन यंत्री रहते हुए सहायक यंत्री पद के प्रथम समयमान वेतनमान का निर्धारण भी स्वयं किया गया, जबकि यह कार्य अधीक्षण यंत्री या मुख्य कार्यपालन अधिकारी के स्तर पर होना चाहिए था।
रिपोर्ट में आगे यह भी उल्लेख किया गया है कि वर्ष 2020 से 2024-25 तक की अवधि में एस.बी. रावत द्वारा अचल संपत्ति का विवरण न तो कार्यालय में प्रस्तुत किया गया, न ही ऑनलाइन वेबसाइट पर अपलोड कराया गया, जो सिविल सेवा आचरण नियम 1965 की धारा 19 का स्पष्ट उल्लंघन है।
अधीक्षण यंत्री अतुल चतुर्वेदी ने इन समस्त तथ्यों को गंभीर कदाचार की श्रेणी में रखते हुए प्रभारी ईई एस.बी. रावत के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही का प्रस्ताव कमिश्नर रीवा संभाग को भेजा है।
यह मामला आरईएस विभाग में प्रशासनिक पारदर्शिता और अभिलेखों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करता है।















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