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चित्रांगन अंतरराष्ट्रीय फ़िल्म एवं थिएटर फ़ेस्टिवल का भव्य शुभारंभ

चित्रांगन अंतरराष्ट्रीय फ़िल्म एवं थिएटर फ़ेस्टिवल का भव्य शुभारंभ रीवा में कला, सिनेमा और साहित्य का महाकुंभ, पहले दिन नीतीश भारद्वाज के ‘चक्रव्यूह’ ने बांधा समां

चित्रांगन अंतरराष्ट्रीय फ़िल्म एवं थिएटर  Festival  का भव्य शुभारंभ

रीवा में कला, सिनेमा और साहित्य का महाकुंभ, पहले दिन नीतीश भारद्वाज के ‘चक्रव्यूह’ ने बांधा समां

रीवा।
विंध्य क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में चित्रांगन अंतरराष्ट्रीय फ़िल्म एवं थिएटर   Festival   का भव्य शुभारंभ बुधवार को रीवा में हुआ। रंग उत्सव नाट्य समिति, रीवा द्वारा आयोजित यह पाँच दिवसीय अंतरराष्ट्रीय महोत्सव मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग, जिला प्रशासन, नगर निगम रीवा एवं यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के संयुक्त सहयोग से आयोजित किया जा रहा है, जो 01 फरवरी तक चलेगा।

महोत्सव के उद्घाटन सत्र की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ हुई।

उद्घाटन अवसर पर कला, सिनेमा, रंगमंच, शिक्षा और पत्रकारिता जगत की कई प्रतिष्ठित हस्तियों की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन की भव्यता को और बढ़ा दिया। इस मौके पर महाभारत फेम अभिनेता नीतीश भारद्वाज, प्रसिद्ध फ़िल्म एवं थिएटर निर्देशक अतुल सत्य कौशिक, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी, महाराजा पुष्पराज सिंह, प्रख्यात कोरियोग्राफर राजकुमारी मोहिना सिंह, संजय श्रीवास्तव (Director, MPSD) तथा वरिष्ठ पत्रकार जयराम शुक्ल विशेष रूप से उपस्थित रहे।

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए अभिनेता नीतीश भारद्वाज ने कहा कि रंगमंच और सिनेमा समाज का सजीव दर्पण होते हैं।

भारतीय संस्कृति और महाकाव्यीय परंपराएँ आज भी समकालीन समाज को दिशा देने की क्षमता रखती हैं। उन्होंने युवा कलाकारों से अपील की कि वे अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहकर सृजन करें, क्योंकि यही सच्ची और स्थायी कला की पहचान है।

उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने अपने संदेश में कहा कि नीतीश भारद्वाज जैसे कालजयी अभिनेता का रीवा आकर प्रस्तुति देना पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। उन्होंने रीवा की सांस्कृतिक और साहित्यिक परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह भूमि प्राचीन काल से ही कला और साहित्य की उर्वर भूमि रही है। आज के युवा कलाकार इस विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं, जो अत्यंत सराहनीय है, और राज्य सरकार का सहयोग उन्हें निरंतर मिलता रहेगा।

प्रसिद्ध निर्देशक अतुल सत्य कौशिक ने कहा कि फ़िल्म और थिएटर केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये सामाजिक चेतना जागृत करने के सशक्त माध्यम हैं

किसी भी रचना को कालजयी बनाने में विषय की संवेदनशीलता और प्रस्तुति की ईमानदारी सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी ने अपने वक्तव्य में कहा कि कला, मीडिया और शिक्षा के बीच निरंतर संवाद समय की आवश्यकता है। चित्रांगन जैसे मंच विद्यार्थियों और युवाओं को सीखने, समझने और अपनी अभिव्यक्ति को निखारने का अवसर प्रदान करते हैं, जिससे रचनात्मक सोच को नई दिशा मिलती है।

चित्रांगन अंतरराष्ट्रीय फ़िल्म एवं थिएटर फ़ेस्टिवल का भव्य शुभारंभरीवा में कला, सिनेमा और साहित्य का महाकुंभ, पहले दिन नीतीश भारद्वाज के ‘चक्रव्यूह’ ने बांधा समां

चित्रांगन अंतरराष्ट्रीय फ़िल्म एवं थिएटर फ़ेस्टिवल का भव्य शुभारंभ
रीवा में कला, सिनेमा और साहित्य का महाकुंभ, पहले दिन नीतीश भारद्वाज के ‘चक्रव्यूह’ ने बांधा समां

प्रख्यात कोरियोग्राफर राजकुमारी मोहिना सिंह ने कहा कि भारतीय कला परंपरा में नृत्य, अभिनय और भाव का गहरा समन्वय देखने को मिलता है। चित्रांगन जैसे महोत्सव कलाकारों को प्रयोग, नवाचार और आत्म-अभिव्यक्ति के लिए सशक्त मंच प्रदान करते हैं।

महाराजा पुष्पराज सिंह ने सांस्कृतिक आयोजनों के संरक्षण पर बल देते हुए कहा कि कला और संस्कृति किसी भी क्षेत्र की पहचान होती है। ऐसे आयोजनों से न केवल स्थानीय प्रतिभाओं को सम्मान मिलता है, बल्कि उन्हें आगे बढ़ने के नए अवसर भी प्राप्त होते हैं।

संजय श्रीवास्तव (Director, MPSD) ने कहा कि मध्य प्रदेश में सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए इस प्रकार के अंतरराष्ट्रीय आयोजन अत्यंत आवश्यक हैं। चित्रांगन जैसे महोत्सव प्रदेश की सांस्कृतिक समृद्धि को देश-दुनिया तक पहुँचाने का कार्य करते हैं।

वरिष्ठ पत्रकार जयराम शुक्ल ने कहा कि चित्रांगन केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि विंध्य क्षेत्र की कलात्मक चेतना का प्रतिबिंब है। यहां आने वाला हर दर्शक सिनेमा, साहित्य और रंगमंच की एक नई समझ लेकर लौटेगा।

महोत्सव की पहली शाम सुप्रसिद्ध अभिनेता नीतीश भारद्वाज के चर्चित नाटक ‘चक्रव्यूह’ को समर्पित रही। कृष्णा राज कपूर ऑडिटोरियम, रीवा में आयोजित इस प्रभावशाली नाट्य प्रस्तुति को देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शक उमड़े। उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल और कुलगुरु विजय मनोहर तिवारी की उपस्थिति में दीप प्रज्वलन कर महोत्सव के द्वितीय सत्र का विधिवत उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर अभिनेता नीतीश भारद्वाज को स्वर्गीय हरि कृष्ण खत्री सम्मान से भी सम्मानित किया गया।

उद्घाटन दिवस साहित्य के लिए भी खास रहा। समारोह के दौरान युवा लेखक कनिष्क तिवारी द्वारा लिखित पुस्तक का विमोचन गणमान्य अतिथियों के करकमलों से संपन्न हुआ

आयोजन समिति के अनुसार आगामी चार दिनों में कई पुस्तकों के विमोचन के साथ-साथ स्थानीय कलाकारों की फ़िल्मों और म्यूजिक एलबम्स का भी लोकार्पण किया जाएगा।

  1. रीवा में शुरू हुआ चित्रांगन अंतरराष्ट्रीय फ़िल्म एवं थिएटर फ़ेस्टिवल

  2. कला, सिनेमा और साहित्य का महाकुंभ बना चित्रांगन महोत्सव

  3. नीतीश भारद्वाज के ‘चक्रव्यूह’ ने बांधा चित्रांगन की पहली शाम

  4. विंध्य की सांस्कृतिक धरा पर अंतरराष्ट्रीय कला उत्सव का आग़ाज़

  5. चित्रांगन महोत्सव से रीवा को मिला वैश्विक सांस्कृतिक मंच

  6. रंगमंच और सिनेमा समाज का दर्पण: नीतीश भारद्वाज

  7. सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देगा चित्रांगन महोत्सव

  8. स्थानीय कलाकारों को वैश्विक पहचान दिलाने का मंच बना चित्रांगन

  9. साहित्य, सिनेमा और रंगमंच का संगम है चित्रांगन उत्सव

  10. रीवा की सांस्कृतिक विरासत को नई उड़ान देता चित्रांगन फ़ेस्टिवल

आयोजन समिति ने बताया कि चित्रांगन अंतरराष्ट्रीय फ़िल्म एवं थिएटर फ़ेस्टिवल का मुख्य उद्देश्य रीवा को अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक मानचित्र पर स्थापित करना और स्थानीय कलाकारों को वैश्विक मंच प्रदान करना है, ताकि विंध्य की सांस्कृतिक धरोहर विश्व पटल पर अपनी सशक्त पहचान बना सके।

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