भारतीय परंपरा में बंधा BHARAT–FRANCE का रिश्ता
भारतीय संस्कृति और परंपराओं की सुंदर झलक उस समय देखने को मिली, जब सिंगरौली निवासी संदीप कुमार सिंह और फ्रांस की शेरला पुलानीया हिंदू रीति-रिवाजों के साथ विवाह बंधन में बंधे। यह विवाह न सिर्फ दो दिलों का मिलन था, बल्कि भारत और फ्रांस की संस्कृतियों का खूबसूरत संगम भी बना। वैदिक मंत्रोच्चार, पारंपरिक रस्में और भारतीय परिधान इस अंतरराष्ट्रीय विवाह की खास पहचान बने। समारोह में भारतीय और फ्रांसीसी मेहमानों ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ भाग लिया।
HOTEL हेरिटेज पैलेस बना विदेशी मेहमानों की पसंद
यह भव्य विवाह समारोह बैढ़न स्थित HOTEL हेरिटेज पैलेस में आयोजित किया गया। शाही मेहमाननवाज़ी, पारंपरिक साज-सज्जा और आधुनिक सुविधाओं के चलते यह होटल अब विदेशी सैलानियों की पहली पसंद बनता जा रहा है। सिंगरौली भ्रमण पर आने वाले विदेशी पर्यटक यहां ठहरना पसंद कर रहे हैं। यही कारण है कि अब इस होटल में विदेशी मेहमान भारतीय रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह समारोह भी आयोजित कर रहे हैं, जिससे जिले की पहचान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत हो रही है।

भारतीय परंपरा में बंधा भारत–फ्रांस का रिश्ता
HALDI समारोह में दिखी भारतीय संस्कृति की रंगत
विवाह से पहले आयोजित हल्दी समारोह खास आकर्षण का केंद्र रहा। इस समारोह में लगभग 50 से अधिक फ्रांसीसी नागरिकों ने पीले RANG के पारंपरिक भारतीय वस्त्र पहनकर भाग लिया। पीले रंग से सजा पूरा परिसर भारतीय संस्कृति की जीवंत तस्वीर पेश कर रहा था। परिवारजनों और मेहमानों ने दूल्हा-दुल्हन को हल्दी लगाकर उनके सुखद और मंगलमय वैवाहिक जीवन की कामना की। हल्दी की रस्म को भारतीय परंपरा में सौंदर्य, पवित्रता और नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा का प्रतीक माना जाता है, जिसे विदेशी मेहमानों ने भी पूरे सम्मान के साथ अपनाया।
शिक्षा से विदेश तक का सफर, PREM से विवाह तक की कहानी
जानकारी के अनुसार SANDEEP KUMAR SINGH बैढ़न निवासी हैं। उन्होंने सरस्वती शिशु मंदिर बैढ़न से 12वीं की पढ़ाई पूरी की, इसके बाद INDORE से बीसीए और पुणे से MCA की डिग्री प्राप्त की। वर्तमान में वे बेल्जियम में IT Consultancy के क्षेत्र में कार्यरत हैं। वहीं फ्रांस निवासी शेरला पुलानीया से उनकी मुलाकात विदेश में हुई, जो धीरे-धीरे दोस्ती और फिर प्रेम संबंध में बदल गई। शेरला पुलानीया सनाफ्री फार्मास्यूटिकल कंपनी में ब्रांड मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं। दोनों ने आपसी सहमति से भारतीय परंपरा के अनुसार विवाह करने का निर्णय लिया।
भारतीय संस्कृति और मेहमाननवाज़ी से प्रभावित हुए विदेशी मेहमान
विवाह समारोह में शामिल फ्रांसीसी मेहमान भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिकता और “अतिथि देवो भव” की परंपरा से बेहद प्रभावित नजर आए। उन्होंने भारतीय रीति-रिवाजों, पारंपरिक परिधानों और धार्मिक अनुष्ठानों की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। साथ ही HOTEL प्रबंधन की व्यवस्था, स्वच्छता, आधुनिक तकनीक, कर्मचारियों की कार्यकुशलता और भारतीय व्यंजनों की भी सराहना की। विदेशी मेहमानों ने कहा कि भारत की सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक विविधता उन्हें विशेष रूप से आकर्षित करती है और भविष्य में वे दोबारा भारत आकर सिंगरौली में ठहरना पसंद करेंगे।














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