जम्मू से एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है, जहाँ गरीबों और वंचितों की आवाज़ उठाने वाले पत्रकार अर्फ़ाज़ अहमद डैंग आज खुद प्रशासनिक कार्रवाई के शिकार बन गए। जानकारी के मुताबिक, अर्फ़ाज़ अहमद डैंग का घर अचानक बुलडोज़ कर दिया गया, जबकि उनका दावा है कि उन्हें किसी प्रकार का नोटिस तक नहीं दिया गया।
सबसे विचलित करने वाली बात यह है कि घटना के दौरान वे मौके पर मौजूद थे और उसी समय खुद रिपोर्टिंग करते हुए उन्होंने बताया कि प्रशासनिक टीम बिना किसी पूर्व सूचना के पहुंची और घर को ध्वस्त करना शुरू कर दिया।
स्थानीय लोगों और पत्रकारों के एक वर्ग ने इस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि किसी प्रकार की कानूनी प्रक्रिया थी, तो प्रभावित व्यक्ति को नोटिस देना अनिवार्य था। बिना नोटिस कार्रवाई को मनमानी और दबावपूर्ण बताया जा रहा है।
फिलहाल पूरे मामले ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं, और पत्रकार समुदाय इस घटना को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता तथा पत्रकारों की सुरक्षा से जोड़कर देख रहा है।
मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर विरोध और आक्रोश भी बढ़ता दिखाई दे रहा है।














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