सड़क Accidents में लगातार हो रही बढ़ोतरी और इसके चलते होने वाली जनहानि को देखते हुए सड़क सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया
इस बैठक का उद्देश्य दुर्घटनाओं को रोकने के लिए ठोस रणनीति तैयार करना और हादसों के बाद पीड़ितों को त्वरित व प्रभावी सहायता उपलब्ध कराना रहा। बैठक की अध्यक्षता पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र सिंह ने की, जिसमें यातायात पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी तथा अन्य संबंधित विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
बैठक में सड़क सुरक्षा से जुड़ी दो प्रमुख योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई और उनके क्रियान्वयन को लेकर निर्णय लिए गए। इन योजनाओं का मुख्य लक्ष्य सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को बेहतर इलाज, आर्थिक सहायता और समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है, साथ ही उन नागरिकों को भी प्रोत्साहित करना है जो मानवीय आधार पर आगे बढ़कर पीड़ितों की मदद करते हैं।
पहली योजना के अंतर्गत सड़क Accidents में घायल व्यक्ति को तुरंत अस्पताल पहुंचाने और प्रारंभिक उपचार उपलब्ध कराने की व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। इसके लिए जिले के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को निर्देशित किया जाएगा कि वे बिना किसी देरी के पीड़ित का इलाज शुरू करें। पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र सिंह ने कहा कि दुर्घटना के बाद के पहले “गोल्डन आवर” में यदि पीड़ित को सही इलाज मिल जाए तो उसकी जान बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। इसलिए अस्पतालों और एंबुलेंस सेवाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा।
दूसरी योजना का उद्देश्य उन लोगों को प्रोत्साहित करना है जो Accidents के बाद घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने में मदद करते हैं।
अक्सर देखा गया है कि लोग कानूनी झंझट या पुलिस पूछताछ के डर से मदद करने से पीछे हट जाते हैं। इसे देखते हुए निर्णय लिया गया कि मदद करने वाले नागरिकों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होगी, बल्कि उन्हें सम्मान और प्रोत्साहन दिया जाएगा। साथ ही, आवश्यक होने पर उन्हें प्रमाण पत्र या अन्य लाभ भी दिए जाएंगे।

सड़क सुरक्षा को लेकर बैठक, दो अहम योजनाओं पर लिया गया निर्णय
पीड़ित और मदद करने वालों को मिलेगा लाभ
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि समाज में यह संदेश जाना चाहिए कि किसी की जान बचाने के लिए आगे आना सबसे बड़ा पुण्य का कार्य है। यदि आम नागरिक बिना डर के पीड़ित की मदद करेंगे, तो सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।
बैठक में सड़क सुरक्षा नियमों के सख्त पालन पर भी जोर दिया गया। हेलमेट और सीट बेल्ट के उपयोग,
ओवरस्पीडिंग पर नियंत्रण, शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई, और नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने पर रोक जैसे मुद्दों पर विशेष चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि नियमित रूप से चेकिंग अभियान चलाए जाएं और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
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सड़क सुरक्षा बैठक: दुर्घटना पीड़ितों और मददगारों के लिए नई योजनाएं
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सड़क हादसों में कमी लाने के लिए पुलिस अधीक्षक की बैठक
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हादसे में घायल को मिलेगा तुरंत इलाज, मदद करने वालों को प्रोत्साहन
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सड़क सुरक्षा पर विशेष बैठक, यातायात नियमों का सख्ती से पालन
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पीड़ितों को त्वरित सहायता देने के लिए नई पहल शुरू
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मदद करने वाले नागरिकों को मिलेगा सम्मान और लाभ
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पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र सिंह ने की सड़क सुरक्षा योजनाओं की समीक्षा
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सड़क हादसों के बाद गोल्डन आवर में त्वरित चिकित्सा की व्यवस्था
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नियम उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई, हेलमेट और सीट बेल्ट जरूरी
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सड़क सुरक्षा में विभागों का समन्वय बढ़ाने के लिए बैठक
इसके अलावा, सड़क इंजीनियरिंग से जुड़ी खामियों को दूर करने पर भी विचार किया गया। दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान कर वहां साइन बोर्ड, स्पीड ब्रेकर, स्ट्रीट लाइट और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।













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